2022 आते आते दलबदल की राजनीति शुरू, कैबिनेट मंत्री अरविंद पाण्डेय ने दल बदल वाले नेताओं पर तीखा कटाक्ष करते हुए निजी स्वार्थ के लिए दलबदल को लोकतंत्र में बड़ा पाप करार दिया है

2022 आते आते दलबदल की राजनीति शुरू, कैबिनेट मंत्री अरविंद पाण्डेय ने दल बदल वाले नेताओं पर तीखा कटाक्ष करते हुए निजी स्वार्थ के लिए दलबदल को लोकतंत्र में बड़ा पाप करार दिया है
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जहां एक तरफ बीजेपी अपना कुनबा बढ़ाने के अभियान में जुटी है, तो वही कैबिनेट मंत्री अरविंद पाण्डेय ने दल बदल वाले नेताओं पर तीखा कटाक्ष करते हुए निजी स्वार्थ के लिए दलबदल को लोकतंत्र में बड़ा पाप करार दिया है। कैबिनेट मंत्री पाण्डेय के इस बयान से राजनीतिक गलियारों में भी एक नई जंग छिड़ गयी है।

  1. प्रदेश में नेताओं के दल बदल का मौसम आ गया है,लोकतंत्र  जनहित और विचारधारा की दुहाई देते हुए नेताजी पलटी मारते नजर आ रहे हैं । भले ही दोनों राजनीतिक दल पल्टीबाज़ नेताओं का पलक पावडे बिछा स्वागत कर रहे हों , लेकिन कैबिनेट मंत्री इसे लोकतंत्र में बड़ा पाप मानते हैं। निजी स्वार्थ के लिए दल बदलने वाले नेताओं पर कैबिनेट मंत्री  ने तीखी प्रतिक्रिया की है, यशपाल आर्य के कांग्रेस में जाने पर कैबिनेट मंत्री पांडे ने एक पेड़ का उदाहरण देते हुए कहा कि एक डाल से एक पत्ता टूटा तो डाल ने कहा पत्ते से सुन मेरी बात इस घर की रीत है एक आवत एक जावत, अरविंद पांडे ने कहा कि राजनीतिक लोगों अपने चरित्र पर इस प्रकार के दाग नहीं लगने देना चाहिए। अपने लोभ लालच , स्वार्थ एवं महत्वाकांक्षा के लिए , बड़े पद पाने के लिए दलों को जो अपमानित करते हैं वहां के कार्यकर्ताओं को बेइज्जत करते हैं यह परंपरा उत्तराखंड के लिए ठीक नहीं। कैबिनेट मंत्रीअरविंद पांडे ने कहा कि अपने निजी लोभ लालच के लिए प्रदेश की अस्मिता पर धब्बा नहीं लगाना चाहिए। कार्यकर्ता खुद को ठगा महसूस करता है, फिर चाहे भारतीय जनता पार्टी हो या कांग्रेस। परंपरा बिल्कुल ठीक नहीं है। लोकतंत्र में इससे बड़ा कोई पाप नहीं हो सकता और जनता से निवेदन करता हूँ कि ऐसे लोगों को जनता चुनाव कटघरे में करे।

 

Rupesh Negi

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