धामी ने अपने इरादे जता दिया है की वो फ्लावर नहीं फायर है।
देहरादून – जिस कानून पर देश के दुसरे राज्य खामोश बैठे है। उसी कानून पर उत्तराखंड की धामी सरकार ने आगे बढ़ते हुए कमेटी का गठन कर अपने इरादे जता दिया है की वो फ्लावर नहीं फायर है जिसमे उनके द्वारा जनहित के निर्णय लिए जाते रहेंगे, उत्तराखंड में सभी सियासी मिथक तोड़ते हुए जहाँ भाजपा पुनः सत्तासीन हुई है। वहीँ दूसरी तरफ भाजपा के शीर्ष नेत्रित्व ने भी मुख्यमंत्री के रूप में धाकड़ पुष्कर सिंह धामी को ही अपना मुख्यमंत्री चुना है। जिन्होंने सत्ता सँभालते ही सियासत की पिंच पर ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा की अपने दुसरे टर्म में 9 दिन के अन्तराल में ही अपने निर्णयों से अपने बुलंद इरादे जाहिर कर दिए है की उनके द्वारा जनहित प्राथमिकता की सूचि में सबसे ऊपर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा की अपनी पहली कैबिनेट में जहाँ चुनाव से पूर्व किये गए वायदे को चुनाव के बाद पूरा किया है ..वहीँ युनिफोर्म सिविल कोड पर कमेठी का गठन कर अन्य राज्यों के लिए एक मिशाल पेश की है । जातिवाद और धार्मिकता से उपर उठाकर एक समान किया जा सकता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पर्यावरण मित्रो का मानदेय बढाया। उसके बाद मनरेगा में मिलने वाली दैनिक मजदूरी को बढाने का काम किया। और यही वो निर्णय रहे जिनकी सियासी गलियारे के साथ साथ आम जनता में भी चर्चा की जा रही है।


