हेलीकॉप्टर नीलगिरी पर्वत श्रृंखला के पास क्रैश, 14 में से 13 की मौत की खबर
पूर्व सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत का हेलीकॉप्टर नीलगिरी पर्वत श्रृंखला के पास क्रैश हुआ, कोटद्वार के काण्डाखाल के पास बिरमोली गांव के रहने वाले हैं जनरल बिपिन रावत,
तमिलनाडु के कन्नूर में हुआ हादसा सीडीएस बिपिन रावत की पत्नी मधुलिका रावत सहित कुल 14 लोग हादसे के शिकार हुए,
हेलीकॉप्टर के क्रैश होने की घटना को कुछ लोगों ने अपनी आंखों से देखा जो बहुत ही दर्दनाक थी,
बुधवार दोपहर यह हादसा तमिलनाडु के कुन्नूर जिले के कट्टेरी पार्क पर हुआ। जमीन पर मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी ने जोरदार आवाज सुनी और उसके बाद चंद लम्हों में हेलीकॉप्टर को आसमान से जमीन पर गिरते देखा। हेलीकॉप्टर आग की लपटों से घिरा हुआ था, इन्हीं लपटों के बीच तीन-चार लोग हेलीकॉप्टर से निकलने की कोशिश कर रहे थे,
सीडीएस बिपिन रावत ऊंटी के पास वेलिंगटन डिफेंस सर्विस स्टाफ कॉलेज में लेक्चर देने जा रहे थे। हेलीकॉप्टर सुलूर एयरबेस से वेलिंगटन जा रहा था। तभी यह क्रैश हो गया। दोपहर करीब 12:30 बजे यह हादसा होते देखा, यह हादसा नानजप्पनचथिराम इलाके में रहने वाला कुमार नाम का एक युवक था जिसने पुलिस और दमकल अधिकारियों को फोन करके हादसे की जानकारी थी,
एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी कृष्णस्वामी ने बताया, ‘मैंने हेलीकॉप्टर को नीचे आते देखा। भयानक तेज आवाज सुनाई दी। यह एक पेड़ से टकराया और तभी आग लग गई थी। हेलिकॉप्टर जमीन पर गिरने से पहले पास के एक बड़े पेड़ से टकराया था।’ कृष्णस्वामी का घर दुर्घटनास्थल से करीब 100 मीटर दूर है। कृष्णस्वामी ने बताया कि हादसा करीब 12:20 बजे हुआ। घटनास्थल घाट रोड, मेट्टुपलायम व कुन्नूर के करीब है।
कृष्णस्वामी ने बताया कि क्षेत्र में रहने वाला कुमार तुरंत पुलिस व फायर ब्रिगेड को फोन करने के लिए दौड़ा। मैंने लोगों को हेलिकॉप्टर से गिरते व जलते हुए देखा तो मैं भी वहां से भाग खड़ा हुआ। हेलीकॉप्टर के जमीन पर गिरने के बाद धुएं का गुबार व आग की लपटें उठ रही थीं। फिर स्थानीय लोग सबसे पहले घटना स्थल पर पहुंचे जंहा आग को बाल्टी ओर पानी के पाइप के द्वारा आग बुझाने का काम किया गया, कुछ लोग घर से कम्बल, चादर लेकर आये, जिसको स्ट्रेचर के काम में लाया गया, ओर घायलों की मदद की गई,


