दून में बढ़ते अपराध पर सरकार सख्त,ऑपरेशन प्रहार’ से अब आपराधिक तत्वों की खैर नहीं।
देहरादून– राजधानी देहरादून में बढ़ते अपराध पर सरकार सख्त, डीजीपी ने बुलाई हाई लेवल मीटिंग — ‘ऑपरेशन प्रहार’ से होगी आपराधिक तत्वों की खैर नहीं।
राजधानी देहरादून में हाल के दिनों में हुई आपराधिक घटनाओं ने सरकार और पुलिस दोनों को हरकत में ला दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सोमवार को पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई और अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि राजधानी में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। बैठक में ‘ऑपरेशन प्रहार’ चलाने का फैसला लिया गया, जिसके तहत आपराधिक तत्वों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा।
बैठक में आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, आईजी एसटीएफ नीलेश आनंद भरणे, एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल, एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह समेत तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
किसे ,मिली क्या जिम्मेदारी
डीजीपी दीपम सेठ ने बैठक में हर अधिकारी की जवाबदेही अलग-अलग तय की। आईजी गढ़वाल को देहरादून की कानून-व्यवस्था की रोजाना निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई। एसएसपी देहरादून से कहा गया कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों को स्पष्ट रूप से काम सौंपें और उनकी जवाबदेही सुनिश्चित करें। मैदान में प्रभावी पुलिसिंग बनाए रखना भी उनकी प्राथमिकता में रहेगा।
क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए कि वे खुद फील्ड में सक्रिय रहें। हॉटस्पॉट इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई जाए और बैरियर्स पर सघन चेकिंग हो। खास तौर पर सुबह के वक्त क्षेत्राधिकारी खुद पुलिसबल की सक्रियता पर नजर रखें।
एसटीएफ चलाएगी शहर में विशेष अभियान
आईजी एसटीएफ और एसएसपी एसटीएफ को निर्देश दिए गए कि देहरादून में सक्रिय आपराधिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए और कड़ी कार्रवाई की जाए। यह अभियान ‘ऑपरेशन प्रहार’ के नाम से चलाया जाएगा।
पीजी, किरायेदार और होम-स्टे भी आएंगे निगरानी के दायरे में
बैठक में एक अहम फैसला किरायेदारों और पीजी में रहने वालों के सत्यापन को लेकर भी लिया गया। पुलिस को निर्देश दिए गए कि इस सत्यापन अभियान को सघन तरीके से चलाया जाए। होम-स्टे में चल रही गतिविधियों पर भी नियमित निगरानी रखी जाए। इसके अलावा तय समय के बाद देर रात तक चलने वाले बार और पब्स पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
डीजीपी का सख्त संदेश
पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने बैठक में दो टूक कहा कि राजधानी में आपराधिक गतिविधियों पर नकेल कसना अब सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों से पूरी मुस्तैदी, सतर्कता और जवाबदेही के साथ काम करने को कहा। उनका साफ संदेश था कि आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की पहली जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

