उत्तराखंड में बिजली के झटके से राहत, घरेलू और औद्योगिक दरों में भारी कटौती; सौर ऊर्जा इस्तेमाल पर मिलेगी 22.5% की छूट।
देहरादून– प्रदेश में चुनावी साल में धामी सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए बिजली की दरों में कोई इजाफा नहीं किया है। उल्टा कई सेक्टर में राहत भी दी गई है। उत्तराखंड के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (UERC) ने वित्तीय वर्ष के लिए बिजली की नई दरों का ऐलान कर दिया है, जिसमें आम जनता की जेब पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं डाला गया है। वहीँ उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने परिचालन खर्चों और राजस्व घाटे की भरपाई के लिए बिजली दरों में 17% की भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव नियामक आयोग के सामने रखा था। हालांकि, आयोग ने जनहित को सर्वोपरि रखते हुए इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। इस बार के टैरिफ ऑर्डर में एक महत्वपूर्ण बदलाव उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए किया गया है। प्रदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों— IIT रुड़की और जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के लिए अब अलग से ‘एजुकेशन टैरिफ’ लागू किया गया है। Uerc के अध्यक्ष एम एल प्रसाद ने बताया कि इंडस्ट्रियल में यूपीसीएल राहत देने के अलावा ग्रामीण, घरेलू, इंडस्ट्रियल, कमर्शियल, एसटीएसटी और आरटीएस 2 में कोई वृद्धि नहीं की गई है ।
उत्तराखंड के बिजली उपभोक्ताओं विद्युत नियामक आयोग ने बड़ी राहत देते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 में बिजली की कीमतों में किसी भी तरह का फेर बदल ना करने का ऐलान किया है और दरों को फिलहाल स्थिति रखा गया है। इससे पहले विद्युत नियामक आयोग को बिजली कंपनियों (UPCL, UJVNL, PITCUL) ने दरों में 18.86% तक की भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया था लेकिन आयोग ने जारी किए नए टैरिफ में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी रहत दी है।
आयोग ने साफ कर दिया है कि मौजूदा फिक्स्ड चार्ज और डिमांड चार्ज में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। सबसे बड़ी राहत ‘सिंगल पॉइंट बल्क सप्लाई’ (RTS-1) वाले उपभोक्ताओं को मिली है, जिनकी विद्युत दर 7.50 रुपये से घटाकर 6.25 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है। इसके अलावा, लाइफ-लाइन उपभोक्ताओं (बीपीएल) के लिए बिजली की दर 1.85 रुपये प्रति यूनिट पर ही स्थिर रखी गई है।
राज्य की औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहित करने के लिए आयोग ने ऐतिहासिक फैसला लिया है:
• सौर ऊर्जा प्रोत्साहन: 25 किलोवाट से अधिक भार वाले औद्योगिक उपभोक्ताओं को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक सौर ऊर्जा अवधि के दौरान बिजली खपत पर 22.5% की भारी छूट दी जाएगी।
• एचटी इंडस्ट्री: हाई-टेंशन (HT) उद्योगों के लिए लोड फैक्टर स्लैब को 40% से बढ़ाकर 50% कर दिया गया है। 50% से अधिक लोड फैक्टर पर बिजली दर 6.85 रुपये से घटाकर 6.60 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है।
• अधिभार में कटौती: राज्य में बिजली आपूर्ति की बेहतर स्थिति को देखते हुए ‘निरंतर आपूर्ति अधिभार’ (Continuous Supply Surcharge) को 15% से घटाकर 7.5% कर दिया गया है।
डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए आयोग ने बिल भुगतान पर भी राहत दी है:
• प्रीपेड मीटर: घरेलू श्रेणी में प्रीपेड मीटर लगवाने वालों को ऊर्जा प्रभार में 4% और अन्य श्रेणियों में 3% की छूट मिलेगी। खास बात यह है कि प्रीपेड उपभोक्ताओं को कोई ‘सुरक्षा जमा’ (Security Deposit) नहीं देना होगा।
• डिजिटल पेमेंट: बिजली बिल का डिजिटल भुगतान करने पर 1.5% और अन्य माध्यमों (चेक/नकद) से शीघ्र भुगतान पर 1% की छूट बरकरार रहेगी।
उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग द्वारा अनुमोदित नई श्रेणियों और उनकी दरों पर गौर करें तो आम उपभोक्ताओं और उद्योगों के लिए एक संतुलित ढांचा तैयार किया गया है। घरेलू बिजली के लिए 0-100 यूनिट तक 90 रुपये प्रति किलोवाट फिक्स्ड चार्ज के साथ 3.65 रुपये प्रति यूनिट की दर तय की गई है, जबकि 101-200 यूनिट के स्लैब में फिक्स्ड चार्ज 110 रुपये और यूनिट दर 5.25 रुपये रहेगी। सामाजिक और सरकारी क्षेत्र को राहत देते हुए 10 किलोवाट तक के सरकारी संस्थानों के लिए 90 रुपये फिक्स्ड चार्ज और 6.00 रुपये प्रति यूनिट का शुल्क रखा गया है। वहीं, कृषि और पर्यावरण अनुकूल सेवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्राइवेट नलकूपों (मीटर्ड) पर कोई फिक्स्ड चार्ज नहीं लगेगा और दर मात्र 2.70 रुपये प्रति यूनिट होगी, जबकि इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग स्टेशनों के लिए भी फिक्स्ड चार्ज ‘शून्य’ रखते हुए विद्युत मूल्य 7.65 रुपये प्रति यूनिट निर्धारित किया गया है; इसके अतिरिक्त रेलवे ट्रैक्शन के लिए 330 रुपये प्रति kVA के फिक्स्ड चार्ज के साथ 7.05 रुपये प्रति यूनिट की दर को मंजूरी दी गई है।
आयोग ने UPCL द्वारा प्रस्तावित 14,731.98 करोड़ रुपये की वार्षिक राजस्व आवश्यकता (ARR) के मुकाबले केवल 12,489.54 करोड़ रुपये को ही मंजूरी दी है। आयोग ने पाया कि वितरण हानियों (Transmission Losses) को कम करके जनता पर बोझ घटाया जा सकता है।
• ग्रीन टैरिफ: पर्यावरण प्रेमियों के लिए 0.39 रुपये प्रति यूनिट का अतिरिक्त ‘ग्रीन टैरिफ’ अनुमोदित किया गया है, जिससे आप 100% नवीकरणीय ऊर्जा का लाभ ले सकेंगे।
• सोलर वॉटर हीटर: सौर जल तापक के उपयोग पर प्रति 50 लीटर क्षमता के लिए 75 रुपये प्रतिमाह की छूट जारी रहेगी।
• वोल्टेज छूट: 33 केवी पर आपूर्ति लेने वालों के लिए वोल्टेज छूट 3.5% से बढ़ाकर 4.5% कर दी गई है।

