एक बार फिर सहम उठी राजधानी, दिन दहाड़े चली गोलियां, हत्या।
देहरादून– एक के बाद एक हत्याओं से सहमी राजधानी बदमाशों के हौसले को बयां कर रहे हैं। बुधवार को हुई वारदात ने बीते कुछ दिनों में वारदातों की याद फिर ताजा कर दी।
अर्जुन शर्मा की पत्नी अभिलाषा शर्मा निवासी बसंत विहार ने अपनी सास बीना शर्मा, अर्जुन शर्मा की मां के करीबी व प्रॉपर्टी डीलर विनोद उनियाल, विनोद उनियाल की पत्नी संगीता उनियाल एसके मेमोरियल हॉस्पिटल के मालिक डॉ. अजय खन्ना के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। शिकायत में बताया है कि पैसों के लेने देन और एजेंसी बेचने के चलते विरोध करने पर मां बीना शर्मा के साथ विवाद था। इस संबंध में उनका न्यायालय में विवाद लंबित था। आरोप है कि विवाद के चलते सभी व्यक्तियों द्वारा उनके पति की हत्या कराए जाने का शक जाहिर किया और इस संबंध में मुकदमा दर्ज करवाया गया है। डालनवाला कोतवाली पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। एसएसपी का कहना है कि अर्जुन शर्मा और मां बीना शर्मा के मध्य आपसी मनमुटाव व सम्पत्ति को लेकर झगड़ा चल रहा था। अर्जुन का अन्य और किसी के साथ कोई विवाद होना प्रकाश में नहीं आया है। अर्जुन शर्मा ने अपनी व जान माल की सुरक्षा के लिए पुलिस को कोई प्रार्थना पत्र नहीं दिया था।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि अर्जुन शर्मा और बीना शर्मा के मध्य आपसी मनमुटाव व सम्पत्ति को लेकर झगड़ा चलता रहा । कुछ समय से आपस में दोनों अच्छे से रह रहे थे। जांच में पता चला कि अर्जुन शर्मा भी वर्तमान में विनोद उनियाल को लेकर काफी परेशान था। उसका कहना था कि विनोद उनियाल ने उसकी मां को अपने प्रभाव में लेकर करोड़ों रुपये हड़प लिए है। विनोद उनियाल ने भी थाना बसंत विहार में अर्जुन के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। वर्तमान में अर्जुन शर्मा का रुपयों के लेनदेन को लेकर विनोद उनियाल से ही विवाद चल रहा था। अर्जुन शर्मा की पत्नी के अनुसार उनके संपत्ति के विवाद संबंधी अन्य कोई जानकारी उनको नहीं है । अर्जुन शर्मा की मां बीना शर्मा ने अपनी जीएमएस रोड पर गैस एजेंसी वाली प्रॉपर्टी अजय खन्ना को बेच दी थी। जिस पर अर्जुन शर्मा व अजय खन्ना के मध्य सिविल कोर्ट में वाद चल रहा है। अर्जुन शर्मा ने प्रॉपर्टी के वाद में सिविल कोर्ट से स्टे लिया गया है।
अर्जुन शर्मा टेनिस का राष्ट्रीय प्लेयर रहा है। इनके शहीद पिता आरसी शर्मा के नाम से फुटबाल टूर्नामेंट भी कराया जाता है। अर्जुन शर्मा रोज सुबह परेड ग्राउंड स्थित हॉल में टेनिस खलने के लिए आते थे। बदमाशों को पता था कि अर्जुन किस टाइम आता हैं और जाता है। घटना से साफ पता चल रहा है कि बदमाश अर्जुन शर्मा के बाहर निकलने का इंतजार कर रहे थे। और मौका देखकर वारदात को अंजाम दें दिया।
बदमाशों ने जिस स्कूटी में सवार होकर घटना को अंजाम दिया वह बिना नंबर प्लेट की थी। राजधानी की सड़क पर बिना नंबर प्लेट की स्कूटी दौड़ती रही और हत्या जैसी वारदात को अंजाम देकर बदमाश फरार हो गए। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी। सीसीटीवी फुटेज को खंगालने के साथ ही अन्य माध्यमों से बदमाशों की तलाश जारी थी। मामला पारिवारिक विवाद से ही जुड़ा है या फिर इसके पीछे कुछ और कहानी है ये तो खुलासे के बाद ही सामने आएगा। लेकिन, पुलिस की जांच कई पहलुओं पर चल रही थी।
एक के बाद एक हत्याओं से सहमी राजधानी बदमाशों के हौसले को बयां कर रहे हैं। बुधवार को हुई वारदात ने बीते कुछ दिनों में वारदातों की याद ताजा कर दी।
बीती 29 जनवरी को विकासनगर में छात्रा मनीषा तोमर की हत्या की गई थी। इसके बाद 01 फरवरी को ऋषिकेश में प्रेम प्रसंग के चलते युवती प्रीति रावत की हत्या की वारदात सामने आई थी। ठीक एक दिन बाद ही 02 फरवरी को दून के मच्छी बाजार में चापड़ से काट कर युवती गुंजन श्रीवास्तव की हत्या कर दी गई थी। ये मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि 11 फरवरी बुधवार को तिब्बती मार्केट के पास गोली मारकर गैस एजेंसी संचालक अर्जुन शर्मा की हत्या कर दी गई।
बदमाशों के हौसले का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सरेराह दिनदहाड़े 10.30 बजे वारदात कर खुलेआम फरार हो गए। जबकि, ये वह इलाका है जहां से 500 मीटर की दूरी पर सचिवालय और पुलिस मुख्यालय है। आसपास कई स्कूल और भीड़भाड़ वाले बाजार हैं। इस इलाके में चहल पहल बनी रहती है। बावजूद बेखौफ बदमाश घटना को अंजाम देकर आसानी से फरार हो गए।
तो क्या राजधानी में कांट्रेक्ट किलिंग की दस्तक
गैस एजेंसी मालिक अर्जुन की गोली मारकर हत्या की इस सनसनीखेज वारदात कांट्रेक्ट किलिंग से भी जोड़ कर देखा जा रहा है। क्योंकि, जिस अंदाज में घटना को अंजाम दिया गया वह कोई साधारण बदमाश नहीं हो सकते। उन्हें गैस एजेंसी मालिक के हर मूवमेन्ट की जानकारी थी।
जिस समय घटना हुई उस समय करीब 500 मीटर दूरी पर सचिवालय में राज्य कैबिनेट की बैठक चल रही थी। जिसमें सीएम समेत पूरी कैबिनेट और राज्य के सभी आला अधिकारी मौजूद थे। वारदात का समय भी ऐसा था जब लोग अपने दफ्तरों और कारोबार के लिए आ जा रहे थे।
दून हॉस्पिटल पहुंचे अर्जुन शर्मा के परिचित ने बताया कि उसे लगातार जान से मारने की धमकी मिलती थी। इसकी शिकायत और सुरक्षा की मांग कई बार पुलिस से की गई थी। दोनों पक्षों की और से मुकदमे भी दर्ज किए गए थे। बताया कि विनोद उनियाल की अर्जुन शर्मा से मुलाकात एमवे के बिजनेस के दौरान हुई थी। बताया कि 40 से 42 करोड़ की संपत्ति सहित अन्य विवाद थे। अर्जुन शर्मा की पत्नी अभिलाषा शर्मा ने भी डालनवाला कोतवाली में जो मुकदमा दर्ज करवाया है उसमें साफ तौर पर संपत्ति और पैसों के विवाद का जिक्र करते हुए हत्या का मुकदमा दर्ज करवाया गया था।


