2025 में एसटीएफ ने की करोड़ों की ड्रग्स जब्त, संगठित अपराधों के खिलाफ जारी रहेगा अभियान।
देहरादून– डीजीपी दीपम सेठ ने कहा कि प्रदेश में संगठित अपराध करने वालों के खिलाफ एसटीएफ का अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अपराध के खिलाफ के जीरो टॉलरेंस की नीति अपनायी जा रही है। कोई भी देवभूमि में कानून अपने हाथ में लेने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उत्तराखंड पुलिस पूरे प्रदेश में अपराध मुक्त करने का प्रयास कर रही है, जिससे कि प्रदेश में अमन-चैन और शांति व्यवस्था बनी रहे। साल 2025 में उत्तराखंड एसटीएफ ने कई बड़े नामचीन अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में कामयाब रही है। एसटीएफ ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी और प्रभावी कार्रवाई की। वाल्मीकि गैंग के मुख्य आरोपियों मनीष उर्फ बॉलर, हसन जैदी और शेर सिंह की गिरफ्तारी के साथ-साथ चीनू पंडित गैंग के दो शूटरों को हथियारों के साथ पकड़ा गया। आरोपियों से तीन पिस्टल, एक तमंचा और 12 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी गैंग के खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई में 17 अवैध हथियार जब्त किए गए और कामरान नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया गया। राज्यभर में पाकिस्तान क्षेत्र से आने वाली जरी पिस्टल समेत 20 पिस्टल, दो तमंचे, 24 मैगजीन और 63 कारतूस की रिकवरी भी की गई। नशे के कारोबार और नकली दवाइयों के खिलाफ भी एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई की है। सेलाकुई और हरिद्वार में नकली दवाइयां बनाने वाली 6 फैक्ट्रियां सीज कर 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास करीब 14 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। पिथौरागढ़ में एमडीएमए की अंतरराज्यीय लैब को नष्ट कर 7 किलो 600 ग्राम ड्रग्स बरामद की गई है, जिसकी कीमत बाजार में करीब 12 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके अलावा लक्ष्मण झूला में पहली बार सिंथेटिक ड्रग एमडीएमए और ऊधमसिंह नगर में 800 ग्राम हीरोइन की बड़ी खेप पकड़ी गई थी। एसटीएफ ने पहली बार पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत 31 मामलों को शासन को भेजा गया है। साथ ही वाइल्ड लाइफ अपराधों में भालू की पित्त और हाथी दांत की तस्करी पर भी कार्रवाई की गई, जबकि 25 साल से फरार इनामी अपराधी समेत कुल 18 इनामी बदमाशों को गिरफ्तार किया गया।


