देहरादून में सफल ABO-इनकम्पैटिबल किडनी ट्रांसप्लांट के साथ रीनल ट्रांसप्लांट क्षमताओं का विस्तार।

देहरादून में सफल ABO-इनकम्पैटिबल किडनी ट्रांसप्लांट के साथ रीनल ट्रांसप्लांट क्षमताओं का विस्तार।
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देहरादून– मैक्स हॉस्पिटल देहरादून ने किडनी ट्रांसप्लांट का सफल प्रत्यारोपन किया है जिसमे उन्हें सफलता मिली है… प्रेस वार्ता में डॉ. पुनीत अरोड़ा, एसोसिएट डायरेक्टर- नेफ्रोलॉजी और किडनी ट्रांसप्लांट, मैक्स हॉस्पिटल, देहरादून ने जानकारी देते हुए बताया की आज समाज में किडनी की मांग आपूर्ति से कहीं ज़्यादा है, और कई मरीज उम्मीद खो देते हैं क्योंकि ब्लड ग्रुप से मेल खाने वाला डोनर उपलब्ध नहीं होता है। ABO इनकम्पेटिबल ट्रांसप्लांटेशन एक मान्य और सफल तकनीक है, लेकिन भारत में केवल कुछ चुनिंदा केंद्रों के पास ही इसे सुरक्षित रूप से करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और विशेषज्ञता है। अब देहरादून में यह क्षमता उपलब्ध होने से, जब परिवार में कोई इच्छुक डोनर मौजूद हो तो मरीजों को अब केवल ब्लड ग्रुप कम्पेटिबिलिटी पर निर्भर रहने की ज़रूरत नहीं है। यह ट्रांसप्लांटेशन का एक नया रास्ता और जीवन की एक नई उम्मीद खोलता है।

साथ ही बताया की देहरादून निवासी एक मरीज जो किडनी फेलियर की समस्या से ग्रसित थी ऐसे में उनकी माता डोनर के रूप में सामने आई जिसका की सफल प्रत्यारोपण किया गया। उत्तराखंड में हाई-एंड रीनल ट्रांसप्लांट सेवाओं को आगे बढ़ाते हुए, मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देहरादून ने सफलतापूर्वक एक ABO-इनकम्पैटिबल किडनी ट्रांसप्लांट किया है, यह एक एडवांस्ड प्रक्रिया है जो ब्लड ग्रुप के पार ट्रांसप्लांट की अनुमति प्रदान करती है। डॉ. टीम को इस उपलब्धि से उम्मीद हैं कि मरीजों को काफी फायदा होगा जिन्हें अपने परिवार में कम्पैटिबल ब्लड ग्रुप वाला डोनर ढूंढने में मुश्किल होती है।

डॉ. पुनीत अरोड़ा, एसोसिएट डायरेक्टर – नेफ्रोलॉजी और किडनी ट्रांसप्लांट, मैक्स हॉस्पिटल, देहरादून ने कहा, “किडनी की मांग आपूर्ति से कहीं ज़्यादा है, और कई मरीज उम्मीद खो देते हैं क्योंकि ब्लड ग्रुप से मेल खाने वाला डोनर उपलब्ध नहीं होता है। ABO-इनकम्पैटिबल ट्रांसप्लांटेशन एक मान्य और सफल तकनीक है, लेकिन भारत में केवल कुछ चुनिंदा केंद्रों के पास ही इसे सुरक्षित रूप से करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और विशेषज्ञता है। अब देहरादून में यह क्षमता उपलब्ध होने से, जब परिवार में कोई इच्छुक डोनर मौजूद हो, तो मरीजों को अब केवल ब्लड ग्रुप कम्पैटिबिलिटी पर निर्भर रहने की ज़रूरत नहीं है। यह ट्रांसप्लांटेशन का एक नया रास्ता और जीवन की एक नई उम्मीद खोलता है।

ट्रांसप्लांट के बाद, अदिति की एक विशेष इंटेंसिव केयर यूनिट में बारीकी से निगरानी की गई, जहां उनकी स्थिति स्थिर रही और रीनल फंक्शन में लगातार सुधार हुआ, जिससे उन्हें संतोषजनक स्वास्थ्य में डिस्चार्ज किया गया।  इस सफल ABO-इनकम्पैटिबल ट्रांसप्लांट हॉस्पिटल का एक सराहनीय पहल हैं, एक व्यापक रीनल केयर प्रोवाइडर के रूप में अपनी भूमिका को और मज़बूत करता है, जो पहले मुख्य रूप से मेट्रो शहरों में ही उपलब्ध एडवांस्ड, हाई-रिस्क प्रोसीजर करने में सक्षम है।

 

Rupesh Negi

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