भारत में बांग्लादेशी और रोहिंग्या की अवैध घुसपैठ पर सख्ती, उत्तराखंड में बढ़ी कार्रवाई।

भारत में बांग्लादेशी और रोहिंग्या की अवैध घुसपैठ पर सख्ती, उत्तराखंड में बढ़ी कार्रवाई।
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देहरादून– भारत में बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों की अवैध घुसपैठ को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे देश में निगरानी तेज कर दी है। फर्जी दस्तावेजों के सहारे बड़े पैमाने पर विभिन्न राज्यों में घुसपैठियों के छिपकर रहने की जानकारी सामने आने के बाद केंद्र और राज्य सरकारें अलर्ट पर हैं। तो वही उत्तराखंड में ऑपरेशन कालनेमि के तहत देहरादून, हरिद्वार और उधमसिंहनगर सहित कई जिलों में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। हाल ही में देहरादून से 19 बांग्लादेशी नागरिक, जिनमें महिलाएं और पुरुष शामिल हैं, पकड़े जा चुके हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से कुछ महिलाओं ने स्थानीय युवकों से विवाह कर बाकायदा गृहस्थी भी बसा ली थी।

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अवैध बांग्लादेशी नागरिक और उसकी मददगार महिला को गिरफ्तार किया गया है। बांग्लादेशी नागरिक फर्जी नाम से देहरादून में अवैध रूप से रहा था। बांग्लादेशी ममून हसन ने फेसबुक के जरिये त्यूणी में रहने वाली रीना चौहान से दोस्ती की। इसके बाद अवैध रूप से बांग्लादेश जाकर दोनों ने निकाह रचा लिया। ऑपरेशन कालनेमि के तहत कार्रवाई करते हुए नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस ने कुछ दिन पहले एक बांग्लादेशी नागरिक और त्यूनी की रहने वाली महिला को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में उसने बताया  कि फेसबुक पर दोस्ती के बाद ममून हसन महिला से मिलने के लिए तीन बार टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था।

वर्ष 2022 में ममून हसन और रीना चौहान अवैध तरीके से बार्डर क्रास करके बांग्लादेश गए थे और दोबारा बांग्लादेश से बॉर्डर क्रॉस कर वापस भारत आए। आरोपित देहरादून के एक क्लब में फर्जी पहचान पत्र के आधार पर बाउंसर का काम कर रहा था। आरोप है, कि महिला ने अपने पहले पति के नाम पर अवैध बांग्लादेशी नागरिक के सभी फर्जी दस्तावेज बनवाए थे।

नेहरू कालोनी थाना और एलआईयू को अवैध रूप से भारत में घुसपैठ कर बांग्लादेशी नागरिक के नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में एक महिला के साथ रहने की सूचना मिली थी। इस सूचना का तत्काल संज्ञान लेते हुए पुलिस ने दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

इस अवधि में ममून हसन करीब दो महीने तक महिला के साथ देहरादून में रहा। वहीं वीजा खत्म होने बाद आरोपित वापस बांग्लादेश चला गया। इसके बाद आरोपी दोबारा वर्ष 2020 और 2021 में टूरिस्ट वीजा पर भारत आया और कोरोना काल में वीजा खत्म होने के बाद वापस बांग्लादेश चला गया। इस दौरान ममून हसन महिला को भी अवैध रूप से बॉर्डर पार कराकर अपने साथ बांग्लादेश ले गया।

बांग्लादेश में महिला ने ममून हसन से निकाह रचा लिया। कुछ समय बाद आरोपी और महिला अवैध रूप से बॉर्डर पार कर वापस भारत आकर देहरादून में अलग-अलग स्थानों पर किराए पर पति-पत्नी की तरह रहने लगे। रीना ने अपने पूर्व पति सचिन चौहान के नाम पर ममून के लिए फर्जी आधार, पैन और अन्य पहचान पत्र तैयार करवाए।

अजय सिंह,एसएसपी देहरादून ने बताया की पुलिस ने पिछले तीन दिनों में नेहरू कॉलोनी और पटेलनगर इलाके से 3 महिलाएं सहित 4 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है, जो पिछले तीन वर्षों से पहचान बदलकर रह रहे थे। सभी के पास फर्जी आधार, राशन कार्ड और अन्य पहचान पत्र मिलने की बात सामने आई है।

वी मुरुगेशन, ADG कानून व्यवस्था ने बताया की सुरक्षा एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन फर्जी दस्तावेजों की जांच करना है। अभी तक की जांच में कई अनसुलझे सवाल हैं जिनका जवाब ढूंढना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है आम आदमी के लिए पहचान पत्र में नाम बदलाव, जन्मतिथि या पता बदलना बेहद कठिन प्रक्रिया है, लेकिन फर्जी दस्तावेज बनाने वाले जैसे राशन कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर कार्ड, यहां तक कि पासपोर्ट तक फर्जी तैयार कर रहे हैं। इससे बड़ा सवाल यह उठ खड़ा हुआ है कि आखिर यह नेटवर्क किन लोगों की मदद से संचालित हो रहा है।

मुख़्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जिस बदलते डेमोग्राफिक बदलाव को देखते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पिछले दस वर्षों में जितने भी नए दस्तावेज बनाए गए हैं उन सभी का पूरा रिकॉर्ड खंगाला जाएगा, ताकि फर्जी दस्तावेजों की छटनी की जा सके और पता चल सके कि राज्य में किस तरह और कितनी तेजी डेमोग्राफिक बदलाव हो रहे हैं। देहरादून में अवैध बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, ममून हसन ने हिंदू नाम से बनवाए फर्जी दस्तावेज।

Rupesh Negi

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