नर्सिंग एकता मंच अपनी वि​भिन्न मांगों को लेकर किया सचिवालय कूच। 

नर्सिंग एकता मंच अपनी वि​भिन्न मांगों को लेकर किया सचिवालय कूच। 
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देहरादून– नर्सिग एकता मंच उत्तराखंड ने मंगलवार को देहरादून के परेड ग्राउंड से सैकड़ों नर्सिंग अ​धिकारियों ने पैदल मार्च कर सचिवालय कूच किया। इस दौरान नर्सिंग अ​धिकारियों को सचिवालय से कुछ दूरी पर पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया गया। जहां उन्होंने अपनी वि​भिन्न मांगों को लेकर सरकार के ​खिलाफ नारेबाजी ​की। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के द्वारा नर्सिंग अधिकारियों के पदों पर परीक्षा के माध्यम से उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन आयोग के द्वारा जो विज्ञापन पर प्रकाशित हुआ है, उसमें उत्तराखंड नर्सिंग सेवा संघ ने संशोधन की मांग की है।

नर्सिंग एकता मंच के अध्यक्ष नवल पुंडीर ने कहा कि उत्तराखंड के इतिहास में अभी तक नर्सिंग अ​धिकारियों की भर्ती परीक्षा नहीं हुई है। एक सप्ताह पूर्व ही नोटिफिकेशन निकलता है कहीं न कहीं दूर-दराज क्षेत्रों से आये उत्तरकाशी, टिहरी के साथ वि​भिन्न जनपदों से परीक्षा का विरोध करने देहरादून के परेड ग्राउंड पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि 2020 में यही युवा परीक्षा के लिए जब तैयार थे तब सरकार के द्वारा कहा गया कि वरिष्ठता के आधार पर प्राथमिकता दी जाएगी। हमने उस समय उनकी भावनाओं को समझा और हम लोगों ने निर्णय स्वीकार किया और अब पांच साल बाद वर्तमान सरकार परीक्षा देने के लिए विवश कर रही है। 2014,15 व 16 बैच के अभ्यर्थी हैं, हम लोगों 2025 बैच के साथ परीक्षा देने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी प्रोफेशन नर्सिंग क्लीनिकल पर ज्यादा कार्य करता है, साथ ही हम लोग एक्सपीरियंस पर ज्यादा वर्क करते हैं। अब हमें 2025 बैच के पास आउट हुए, जिन्हें ​नर्सिंग क्लीनिकल का कोई अनुभव भी नहीं है, वह लोग परीक्षा में पास होंगे, तो कहीं न कहीं 2014,15 व 16 बैच के नर्सिंग अ​धिकारियों के हितों का हनन होगा और आज हम सैकड़ों नर्सिंग अ​धिकारी अपनी वि​भिन्न मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे हैं। शासन प्रशासन हमारी मांगों को तत्काल माने और जो नोटिफिकेशन सरकार ने जारी किया है, उसे तत्काल निरस्त करें । इसके साथ ही उन्होंने सरकार से मांग की है कि कई बेरोजगार प्रशिक्षित नर्सिंग अधिकारी ओवर-ऐज हो चुके हैं, उनके लिए भर्ती विज्ञापन में आयु सीमा में छूट दी जाए। उन्होंने मांग की कि जिन लोगों को एक बार नौकरी मिल गई है, उनको इस भर्ती परीक्षा में स​म्मिलित न किया जाए। ताकि बेरोजगारों को रोजगार मिले सके। हमारी मांगों पर शासन- प्रशासन अमल करें।

अम्बिका गौड 2014 बेच की जनरल कैटेगरी सें पास आउट नर्सिंग अधिकारी है, उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत से मांग की है कि इस नोटिफिकेशन को निरस्त किया जाये और इस भर्ती परीक्षा न कराके वर्षवार किया जाए उन्होंने कहा कि 2014 से दो बार भर्ती आ चुकी है, जिसमें कि जनरल कैटेगरी के अभ्य​र्थियों को मौका नहीं मिला। इस बार सरकार से आशा है कि हमें भी मौका दिया जाए।

17 नवम्बर को नर्सिंग अधिकारियों की चिकित्सा शिक्षा विभाग उत्तराखंड, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के द्वारा नर्सिंग अधिकारियों के पदों पर परीक्षा के माध्यम से उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन आयोग के द्वारा जो विज्ञापन पर प्रकाशित हुआ है, उसमें उत्तराखंड नर्सिंग सेवा संघ ने संशोधन की मांग की है।  उत्तराखंड नर्सिंग सेवा संघ का कहना है कि दोनों विभागों के नर्सिंग अधिकारियों की भर्ती के पदों का जो विज्ञापन उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन आयोग द्वारा परीक्षा के माध्यम से निकाला गया है,उसे तुरंत वापस लिया जाए। इसके साथ ही इस विज्ञापन में उक्त दोनों विभागों के द्वारा और नए पदों को स्वीकृत कराकर एवं नर्सिंग भर्ती नियमावाली में संशोधन करके कम से कम 15 सौ पदों की भर्ती वर्तमान आधार पर जल्द निकाली जाए। इसके साथ ही उन्होंने सरकार से मांग की है कि कई बेरोजगार प्रशिक्षित नर्सिंग अधिकारी ओवर-ऐज हो चुके हैं, उनके लिए भर्ती विज्ञापन में आयु सीमा में छूट दी जाए।  पिछली भर्ती के विज्ञापन 11 मार्च 2024 के बाद जितने भी बाहरी राज्यों की नर्सिंग अभ्यर्थियों के द्वारा नर्सिंग काउंसलिंग उत्तराखंड में रजिस्ट्रेशन किए गए हैं। उन्हें नई भर्ती में शामिल न किया जाए।

इस दौरान उन्होंने बताया आईपीएच मानक  के अनुसार  प्रदेश में पांच से आठ हजार नर्सिंग ​अ​धिकारियों की तुरंत आवश्यकता है, जिससे वर्ष 2019-2020 तक के सभी नर्सिंग अ​धिकारी के पद पर समायोजित हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि 2020-21 के नर्सिंग अ​भ्य​र्थियों का कहना है कि वरिष्ठता के आधार पर भर्ती की जाए। हमारे प्रोफेशन में चिकित्सक, फार्मासिस्ट,एएनएम की भर्ती में भी ​लि​खित परीक्षा नहीं है।

हमारी भर्ती प्रक्रिया वर्षवार के माध्यम से होती आई है, जो कि एक पारदर्शी प्रक्रिया है। आज तक नर्सिंग प्रोफेशन में जितनी भी भर्तियां हुई हैं, वह वर्षवार ही हुई हैं। इस नर्सिंग प्रोफेशन में सरकार ने पहली बार भर्ती विज्ञापन जारी किया है, जिसका हम पुरजोर विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि जब सरकार ने वनटाइम सेटलमेंट के बाद टू टाइम सेटलमेंट कर दिया, तो आगे और क्यों नहीं नियमावली में संशोधन करके हमारी भर्ती वर्षवार के माध्यम से की जाए।

Rupesh Negi

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