धामी कैबिनेट की महत्वपूर्ण में आज कई प्रस्ताव पर हुई चर्चा, जिनमें महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग, आवास विकास विभाग, चिकित्सा शिक्षा एवं चिकित्सा सेवा विभाग, वित्त विभाग, विधानसभा, समान नागरिक संहिता और कार्मिक विभाग से संबंधित कई प्रस्ताव शामिल।
देहरादून– सोमवार को हुई धामी कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में कुल 8 प्रस्ताव पर चर्चा हुई जिनमें महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग, आवास विकास विभाग, चिकित्सा शिक्षा एवं चिकित्सा सेवा विभाग, वित्त विभाग, विधानसभा, समान नागरिक संहिता और कार्मिक विभाग से संबंधित प्रस्ताव शामिल थे।
*इन 8 प्रस्तावों पर लगी मंत्रिमंडल की मुहर*
1- समान नागरिक संहिता कानून के तहत प्रदेश में जिनकी शादी नेपाली, भूटानी और तिब्बती मूल के लोगों से होती थी उन्हें आधार कार्ड दिखने में परेशानियों का सामना करना पड़ता था जिसमें अब संशोधन कर दिया गया है जिसके अनुसार नेपाली और भूटानी को समान नागरिक संहिता में पंजीकरण कराने के लिए नेपाल और भूटान का नागरिक प्रमाण पत्र या भारत में 182 दिन से ज्यादा रहने का प्रमाण पत्र और तिब्बती मूल के लोगों को विदेशी पंजीकरण अधिकारी द्वारा दिया गया प्रमाण पत्र देना होगा।
2- महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग में आने वाले मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रो को अब पूर्ण आंगनबाड़ी केन्द्रो का दर्जा दिया जाएगा और मिनी आंगनवाड़ी केंद्र समाप्त कर दिए जाएंगे और आंगनवाड़ी केंद्रों में नियुक्ति के लिए अब मिनी आंगनवाड़ी केंद्र से होने वाली 40% नियुक्ति पूर्ण आंगनबाड़ी केंद्रों से ही की जाएगी।
3- रायपुर में बनने वाले विधानसभा भवन के आसपास निर्माण के लिए फ्री जोन को संशोधित किया गया है जिसके तहत अब विधानसभा भवन के आसपास निजी मकान और छोटी दुकानों को बनाने की अनुमति दी जाएगी जिसका ड्राफ्ट आवास विकास विभाग तैयार करेगा।
4- चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ता और स्वास्थ्य पर्यवेक्षक की 5 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर स्थानांतरण की व्यवस्था पहाड़ से पहाड़ या मैदान से पहाड़ के लिए की जा सकेगी।
5- कार्मिक विभाग के अंतर्गत राज्य सरकार के अधीन आने वाले कर्मचारी को एक पद से दूसरे पद पर पदोन्नत करने के लिए शिथिलीकरण दिया जाएगा।
6- पब्लिक सेक्टर में काम करने वाले जो भी विभाग होंगे उनमें होने वाला सालाना विशुद्ध लाभ का 15% अब राज्य सरकार को देना होगा।
7- विधानसभा के मानसून सत्र के सत्रावसान को मुख्यमंत्री की सहमति।
8- उत्तराखंड के रजत वर्ष से पहले विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने के लिए मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री को किया अधिकृत।


