पूर्व कैबिनेट मंत्री ने क्यों कहा जब तक भाजपा की अंत्येष्टि न कर दूं माला नहीं पहनूंगा, कांग्रेस मुख्यालय में सम्मान समारोह में भाजपा पर बरसे पूर्व कैबिनेट मंत्री।
देहरादून– मुख्यालय में विधायकों के सम्मान समारोह में भाजपा पर बरसे पूर्व कैबिनेट मंत्री
बयानों से सुर्खियों में रहने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री ने फिर गरमाया सियासी माहौल
अपने विवादास्पद बयानों से चर्चाओं में रहने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने फिर राज्य में सियासी गरमी पैदा कर दी है। ईडी-सीबीआई जांच का सामना कर रहे कांग्रेस नेता ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में शुक्रवार को आयोजित विधायकों के सम्मान समारोह में हरक सिंह रावत ने दावा किया कि जब वे भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री थे, तत्कालीन मुख्यमंत्री सभी मंत्रियों के साथ कोर कमेटी की बैठक में पार्टी फंड में पैसा लाने का दबाव बनाते थे।
पूर्व कैबिनेट मंत्रीहरक सिंह रावत ने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि बतौर कैबिनेट मंत्री उन पर पैसा इकट्ठा करने का दबाव था। उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री से पूछा कि कोटद्वार में एक शराब फैक्ट्री है। वह उनके क्षेत्र में पड़ती है तो उससे पैसा लेना है कि नहीं? तत्कालीन मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें हम देख लेंगे। आप उनसे पैसा मत लेना। ऐसे ही कई गंभीर दावे और आरोप पूर्व मंत्री रावत ने भाजपा सरकार पर लगाए हैं। इससे पहले उन्होंने 30 करोड़ रुपए का चंदा इकट्ठा कर पार्टी फंड में देने के लिए खनन के ठेकेदारों से पैसा इकट्ठा कर एक करोड़ रुपए चेक के माध्यम से भाजपा संगठन को देने का दावा किया। हरक सिंह ने कहा कि वह भी दोषी हैं। उनकी जांच हो और भाजपा के भी सारे मंत्रियों की भी जांच हो तो सभी जेल जाएंगे।
कार्यक्रम पार्टी विधायकों का सम्मान का था, लेकिन पूरे कार्यक्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ही छाए रहे। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत समेत तमाम पार्टी नेता उनकी बातों का समर्थन करते नजर आए। पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के अचानक इस तरह मुखर होने और भाजपा पर हमलावर होने के अब सियासी मायने तलाशें जा रहे हैं। पूर्व कैबिनेट मंत्री रावत का दावा है कि ईडी और सीबीआई से उन्हें क्लीनचिट मिल गई है। बीते दो-तीन दिनों से हरक जिस तरह से सक्रिय हुए हैं और राज्य की भाजपा सरकार पर बयानबाजी कर रहे हैं, उससे उनके दावे में दम दिख रहा है। जानकार कह रहे है कि हरक सिंह आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपना व परिवार के लोगों के लिए राजनीतिक मैदान तैयार कर रहे हैं। कुछ का कहना है कि कांग्रेस आलाकमान की ओर से उन्हें कुछ इशारे दिए गए हैं, जिसके चलते वह भाजपा व सरकार पर हमलावर है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की ओर से विधायकों का यह सम्मान समारोह गैरसैंण विधानसभा सत्र के दौरान आपदा प्रबंधन और कानून व्यवस्था को लेकर किए गए विरोध को लेकर था।
विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष के जोरदार विरोध व हंगामे के चलते सरकार को डेढ़ दिन में ही सत्रसंपन्न करना पड़ा। सम्मान कार्यक्रम में जब कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह को माला पहनाना चाहा तो उन्होंने यह कहते हुए इंकार कर दिया कि जब तक वह भाजपा की अंत्येष्टि नहीं कर देते, माला नहीं पहनेंगे।
अरसे के बाद कांग्रेसियों में दिखी एकजुटता काफी समय बाद कांग्रेसी एकजुटता देखने को मिली।
कार्यक्रम में पूर्व सीएम हरीश रावत, पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पार्टी प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, विधायकगण प्रीतम सिंह, ममता राकेश, विक्रम सिंह नेगी, फुरकान अहमद, हरीश धामी, वीरेंद्र जाति, अनुपमा रावत, प्रदेश उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत धस्माना समेत तमाम पदाधिकारी व बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे। वैसे तो कार्यक्रम में पार्टी के सभी 20 विधायकों को सम्मानित किया जाना था लेकिन फिलहाल नौ विधायक ही कार्यक्रम में शामिल हो पाए।

