बाबा केदार, बम बम भोले और जयकारों के उद्घोष से केदारघाटी गुंजायमान, अपने धाम पहुंची बाबा केदार की पंचमुखी चल विग्रह डोली।
केदारनाथ– 28 अप्रैल को अपने शीतकाली प्रवास ऊखीमठ से चलकर बाबा केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली वीरवार को अपने धाम केदारनाथ पहुंच गई है। इस दौरान हजारों की संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के जयकारे लगाकर और पुष्पवर्षाकर धाम पहुंचने पर बाबा का भव्य स्वागत किया।
वीरवार को सुबह करीब आठ बजे बाबा केदार की डोली गौरीकुंड से धाम के लिए रवाना हुई। इस दौरान सेना के बैंड की मधुर धुन और भक्तों का उल्लास देखते ही बन रहा था। ज्यों-ज्यों बाबा की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली आगे बढ़ती रही त्यों-त्यों बाबा के भक्तों की संख्या में भी इजाफा होता रहा। इस दौरान जय बाबा केदार, बम बम भोले और अन्य अनेकानेक जयकारों के उद्घोष से केदारघाटी गुंजायमान होती रही। इस दौरान खराब हुए मौसम और बारिश भी भक्तों के कदम न रोक सकी। भारी उत्साह के बीच शाम करीब चार बजे बाबा केदार की उत्सव डोली धाम पहुंची। धाम में पहले से ही हजारों भक्त बाबा की अगवानी के लिए हाथों में पुष्प लिए इंतजार कर रहे थे। जैसे ही भक्तों को बाबा केदार की डोली के दर्शन हुए पूरा धाम बाबा के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्ष कर बाबा का धाम में भव्य स्वागत किया। सेना के बैंड की मधुर सुरलहरी के बीच बाबा केदान ने अपने भक्तों को दर्शन दिए। धाम पहुंची बाबा की उत्सव डोली ने सबसे पहले मंदिर की परिक्रमा की और इसके बाद बाबा की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली काे रात्रि विश्राम के लिए भंंडार ग्रह में पहुंचाया गया।
भक्ति के हजारों रंग
बाबा केदार की उत्सव डोली के स्वागत के लिए बुधवार से ही भक्तों का धाम में पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। वीरवार को बाबा के धाम पहुंचने से पहले ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु केदारधाम पहुंच गए थे। मन में बाबा के दर्शन करने का उत्साह और श्रद्धा की भावना लिए श्रद्धालु लगातार बाबा के जयकारे लगाते रहे। कोई बाबा की मूर्ति अपने कांधे पर लेकर धाम पहुंचा तो कोई छत्रपित शिवाजी की प्रतिमा को सिर पर उठाकर बाबा के धाम पहुंचा। महाराष्ट्र से केदारनाथ यात्रा पर हरिद्वार से पैदल पहुंचे शिव एकनाथ शिंदे अपने सिर पर शिवाजी माहाराज की प्रतिमा को लेकर बाबा के धाम पहुंचे थे लेकिन उनके चेहरे पर थकान के बजाय उत्साह और उमंग ज्यादा नजर आया।
सेना के बैंड ने बांधा समा
बाबा केदार की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली की अगवानी करते चल रही सेना के बैंड की टुकड़ी ने अपनी साज की मधुर धुन से अलग ही समा बांध दिया। जवाने के सधे कदम और बैंड की मनमोहक धुन ने धाम में मौजूद श्रद्धालुओं का उत्साह और भी बढ़ा दिया। कदमताल करते जवानों की टुकड़ी आगे-आगे चल रही थी। धाम में मौजूूद भक्तों ने सेना के जवानों का भी पुष्पवर्षाकर स्वागत किया।
मौसम ने भी किया बाबा का स्वागत
बाबा केदार के धाम पहुंचने से पहले जहां बारिश और ठंड ने भक्तों को परेशान किया तो वहीं बाबा के धाम पहुंचने से कुछ पहले ही मौसम साफ हो गया। और भक्तों ने खुले दिल से बाबा का स्वागत किया। बाबा के भक्तों के साथ ही मौसम भी मेहरबान हुआ और रुई के फाहे के रूप में हलकी बर्फबारी धाम में शुरू हो गई। इस दौरान लोग कहते नजर आए कि भक्तों के साथ ही मौसम भी बाबा केदार का धाम आगमन पर स्वागत कर रहा है।

