25 लाख के लालच में मामा- भांजे पहुंचे सलाखो के पीछे,सेवानिवृत्त बुजुर्ग व्यक्ति को उतारा मौत के घाट,पुलिस ने देहरादून तथा सहरानपुर से किया गिरफ्तार।

25 लाख के लालच में मामा- भांजे पहुंचे सलाखो के पीछे,सेवानिवृत्त बुजुर्ग व्यक्ति को उतारा मौत के घाट,पुलिस ने देहरादून तथा सहरानपुर से किया गिरफ्तार।
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देहरादून– संजय कुमार पुत्र मंगल सिंह निवासी रामनगर बालागंज चुंगी कैम्वल रोड थाना संआदत गंज लखनऊ उ0प्र0 ने थाना रायपुर में एक प्रार्थना पत्र दिया, उनके चाचा जगदीश पुत्र अंगनू निवासी गली न0 18 सरस्वती पुरम नथुवावाला ढांग रायपुर देहरादून उम्र 68 वर्ष जो नत्थुवाला ढांग देहरादून में किराये पर रहते थे । दिनांक 01-02-2025 से उनके चाचा जगदीश का मोबाइल बन्द आ रहा था तथा उनके सम्बन्ध में मकान मालिक से जानकारी करने पर उसके द्वारा उनके 02-03 दिन से घर वापस न आने की जानकारी दी गई।

पुलिस टीम द्वारा गुमशुदा व्यक्ति के सम्बन्ध में आस-पास के रहने वाले लोगों से पूछताछ की गयी तो जानकारी मिली कि गुमशुदा जगदीश मूल रूप से रायबरेली उ0प्र0 के रहने वाले थे और देहरादून में खनन विभाग में सरकारी नौकरी से सेवानिवृत्त हुए थे। गुमशुदा के मोबाइल नम्बर व बैंक खातों की जांच की जांच करने पर पीएनबी बैंक खाते से यू0पी0आई0 के माध्यम से बैंक खाते में ट्राजेक्शन किये जा रहे थे । जिस पर जानकारी करने पर मोहित नाम के व्यक्ति के नाम सामने आया, जबकि यह खाता कुछ समय पूर्व ही खुलवाने के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त हुई। साथ ही गुमशुदा के परिचितों ने बताया की गुमशुदा के द्वारा कीपैड वाला फोन इस्तेमाल करते हैं व उन्हें आनलाइन बैकिंग के सम्बन्ध में जानकारी नहीं हैं।  मोहित खाताधारक के सम्बन्ध में जानकारी करते हुए हिरासत में लिया गया। पूछताछ में बताया गया की मामा प्रवीन कुमार के साथ मिलकर गुमशुदा बुजुर्ग जगदीश की हत्या कर शव को देवबंद की नहर में फेंकना स्वीकार किया गया। मोहित की निशानदेही पर पुलिस टीम द्वारा उसके कब्जे से मृतक का सिम कार्ड, मृतक के खाते का 3.5 लाख रूपये का 01 चैक, 03 लाख रूपये नगद तथा घटना में प्रयुक्त एक सैन्ट्रो कार बरामद की गयी।दूसरे अभियुक्त प्रवीण त्यागी को नूरपुर देवबन्द से गिरफ्तार किया गया, जिसकी निशानदेही पर उसके घर से 01 लाख 80 हजार रूपये नगद तथा मृतक जगदीश के पीएनबी बैंक की 05 लाख रूपये की एक एफडी बरामद की गयी ।

पूछताछ में मोहित त्यागी ने बताया कि वह मूल रूप से देवबन्द सहारनपुर उ0प्र0 का रहने वाला है तथा वर्तमान में पुष्प विहार गुजरोंवाली चौक, थाना रायपुर देहरादून में किराये पर रह रहा है तथा रायपुर से गुजरोंवाली क्षेत्र में ई-रिक्शा चलाने का कार्य करता है। अभियुक्त की मुलाकात 04 वर्ष पूर्व मृतक जगदीश से गुजरोवाला चौक पर हुई थी, जो मूल रूप से रायबरेली उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे। मृतक जगदीश अक्सर पूरे दिन गुजरोवाला चौक पर बैठे रहते थे तथा अभियुक्त वहीं पर सवारी का इंतजार करता था। अक्सर मुलाकात होने के कारण दोनो के बीच अच्छी जान पहचान हो गयी थी तथा मृतक जगदीश अपनी सारी बातें अभियुक्त से साझा करते थे।

मृतक से आपसी बातचीत के दौरान अभियुक्त को मृतक जगदीश के अविवाहित होने तथा उनके आगे पीछे किसी के न होने की जानकारी हुई। साथ ही मृतक का अपने रिश्तेदारों से भी ज्यादा सम्पर्क न होना उसके संज्ञान में आया। मृतक जगदीश को मुँह का कैंसर था, जिस कारण वो हमेशा अपने मुंह पर मास्क लगाकर रखते थे तथा मृतक द्वारा अभियुक्त को अपने मुंह के कैंसर के कारण परेशान रहने तथा काफी इलाज के बाद भी बीमारी के ठीक न होने की बात बताई गई थी। इसके अतिरिक्त मृतक के देहरादून में खनन विभाग से सेवानिवृत्त होने तथा उसके खाते में 24 से 25 लाख रू0 जमा होने की जानकारी मृतक द्वारा आपसी बातचीत के दौरान अभियुक्त को दी गयी थी।

जिस पर अभियुक्त ने मृतक जगदीश के खाते से पैसे निकालने की योजना बनाई तथा योजना में सहारनपुर के रहने वाले अपने मामा प्रवीण त्यागी को काफी पैसा मिलने का लालच देते हुए शामिल कर लिया। योजना के मुताबिक अभियुक्त मोहित द्वारा मृतक जगदीश को देवबंद में कैंसर के एक अच्छे डाक्टर के होने तथा उसके इलाज से उनकी बीमारी को जड से खतम होने के बारे में बताते हुए उन्हें सहारनपुर चलने के लिये राजी किया गया। योजना के मुताबिक अभियुक्त मोहित दिनांक: 04-02-25 को मृतक जगदीश को अपनी सेन्ट्रो कार से अपने मामा के घर देवबंद ले गया जहां अगले दिन दोनो अभियुक्तों द्वारा मृतक जगदीश की रस्सी से गला दबाकर हत्या कर दी तथा मृतक के शव को अपनी कार की डिग्गी में डालकर 07-08 कि०मी० आगे अम्भेटा देवबंद की नहर में फेंक दिया तथा मृतक का कीपैड वाला मोबाइल फोन तथा उसके आधार कार्ड की फोटो अपने पास रख ली।

घटना के बाद अभियुक्त मोहित अपने मामा को देवबंद में छोडकर वापस देहरादून आ गया, जहां उसने मृतक के फोन से सिम निकालकर उसे अपने फोन में डाल दिया तथा उसके आधार कार्ड से लिंक कर उसकी एक यू0पी0आई0 आई0डी0 तथा अपने मोबाइल पर फोन पे एप्लीकेशन को एक्टिवेट कर उसके माध्यम से कई बार ट्रांजेक्शन करते हुए करीब 13 लाख रू0 अपने खाते में ट्रांसफर कर लिये। उक्त पैसों में से कुछ पैसे अभियुक्त द्वारा अपने मामा को नगद तथा कुछ पैसों की उसके नाम पर एफ0डी0 की गयी थी।

Rupesh Negi

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