पीएम मोदी का कार्यक्रम तय, 6 मार्च को एक दिवसीय दौरे पर, गंगा जी के शीतकालीन गद्दी मुखबा में करेंगे पूजा, फिर हर्षिल का करेंगे दीदार।
देहरादून– देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक दिवसीय दौरे पर मां गंगा शीतकालीन प्रवास (मुखीमठ)मुखबा में पधार रहे हैं। जिसकी तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन पांच मंदिर गंगोत्री समिति पूरी कर ली है। पांच मंदिर समिति ने प्रधानमंत्री के आगमन पर गंगा जी की विशेष पूजा अर्चना का अयोजन तैयार किया गया है । तीर्थपुरोहितों ने बताया कि प्रधानमंत्री जी से हम आग्रह करेंगे की मां गंगा की पूजा अर्चना से पहले पारंपरिक परिधान पहन कर पूजा में बैठें ताकि स्थानीय झलक देश विदेशों में देखने को मिल सके । जब मां गंगा के दर्शन करेंगे सबसे पहले मां गंगा की आचमन आशीर्वाद से पूजा सुरु की जाएगी । गंगा गंगा सहस्त्रनाम पाठ, गंगा लहरी पाठ ,गंगा की पूजा के बाद मां गंगा भोग (प्रसाद ) दिया जाएगा । उसके बाद मां गंगा के हिमालय दर्शन के साथ श्रीकांठ आदि तमाम पर्वतों का अवलोकन करेंगे । महिलाओं द्वारा स्थानीय लोग नृत्य प्रस्तुत किया जायेगा । जिसमें रासों तांती डोल की थाप प्रस्तुत किया जएगा।
प्रधानमंत्री पारंम्परिक परिधान पहन ऊन का चक्कर का परिधान पहन कर विनती करेंगे तब जा के मां गंगा जी की पूजा अर्चना में बैठें मां गंगा के चरण पादुका में बैठ कर पूजा अर्चना की जाएगी ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड में शीतकालीन यात्रा कार्यक्रम तय हो गया है। पीएम छह मार्च को एक दिवसीय दौरे पर उत्तरकाशी जनपद के दौरे पर रहेंगे, जहां वे पहले मां गंगा के शीतकालीन गद्दी स्थल मुखबा में दर्शन व पूजा करेंगे, फिर हर्षिल में सार्वजनिक समारोह में शामिल होंगे। यह दौरा उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन और शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है।
तय कार्यक्रम के मुताबिक, प्रधानमंत्री मुखबा व्यू प्वाइंट से ही हिमालय के दर्शन करेंगे। इसके बाद हर्षिल पहुंचकर विंटर टूरिज्म पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। जहां बाइक रैली को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके बाद हर्षिल में कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहेंगे।
पीएम के दौरे से शीतकालीन यात्रा को और अधिक गति मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री के दौरे से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि इससे उत्तराखंड में स्थानीय अर्थव्यवस्था, होमस्टे, पर्यटन व्यवसाय और सीमावर्ती गांवों के विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है। बर्फीले पर्यटन स्थलों, साहसिक खेलों और धार्मिक स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होने की संभावना है। पीएम के दौरे को लेकर स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार युद्धस्तर पर तैयारियों में जुट गई है। पीएम मोदी छह मार्च को मुखबा में पारंपरिक परिधान चपकन पहनकर मां गंगा की पूजा-अर्चना कर सकते हैं। मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा में तीर्थ पुरोहित इसी परिधान में पूजा करते हैं।

