राष्ट्रीय खेल एंथम अब बनेगा मोबाइल की रिंग टोन व नगर निगम कूड़ा वाहनों में गूंजेगा “आन बान शान ले शौर्य का प्रमाण ले”, खेल मंत्री रेखा आर्या ने बीएसएनएल को भेजा पत्र।

राष्ट्रीय खेल एंथम अब बनेगा मोबाइल की रिंग टोन व नगर निगम कूड़ा वाहनों में गूंजेगा  “आन बान शान ले शौर्य का प्रमाण ले”, खेल मंत्री रेखा आर्या ने बीएसएनएल को भेजा पत्र।
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देहरादन– आप सभी को हमारे सफाई कर्मी की गाड़ी पर बजने वाला गीत अच्छी तरह याद होगा। गाड़ी वाला आया घर से कचरा निकाल, इसके अलावा कोरोना काल में भी देश के अलग अलग राज्यों में कोविड से बचने का संदेश खूब सुनाई दिया।

अब इस कचरे की गाड़ी का इस्तेमाल राज्य सरकार लोगों को नेशनल गेम्स से जोड़ने के लिए करने जा रही है। प्रदेश के सभी जिलों, तहसीलों, कस्बों में सफाई की गाड़ी लोगों को राष्ट्रीय खेल 2025 से जुड़ने का संदेश देगी। इसके लिए देहरादून सहित सभी  जिलों के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर एक सूची मांग जा रही है, जिसमें उनके जिले में इस्तेमाल होने वाले सफाई वाहन का ब्योरा होगा। सरकार द्वारा नेशनल गेम्स से प्रदेशवासियों को रूबरू कराने के लिए यह पहल की जा रही है। अभी तक जो प्लानिंग की जा रही है उसमें सफाई के वाहन पर खेल एंथम की इन लाइने के साथ जोड़ने का प्रयास आन बान शान के शौर्य का प्रमाण ले एकत्र सर्वश्रेष्ठ है मैदान में न कोई विकल्प हो संकल्प से शिखर तक निजय गाथा लिख दे आसमान ने। फिलहाल पहले चरण में उन जिलों में इसे प्रयोग किया जाएगा, जहां गेम्स होने हैं। इसमें देहरादून, हरिद्वार, पिथौरागढ़, उधमसिंह नगर, नैनीताल और टिहरी शामिल है।  इसके जरिये प्रदेशवासियों को इस राष्ट्रीय खेलों से जोड़ने का प्रयास करेंगे। प्रचार प्रसार के लिए यह एक अच्छा माध्यम बन सकता है। इसके साथ ही प्रदेश से संचलित होने नाले एफएम रेडियो की भी मदद ली जाएगी। प्रचार के जितने भी माध्यम है। हम उन सभी विकल्पों पर फोक्स कर रहे हैं। हर रोज की जा रही कवायद के साथ अलग अलग जिलों में चल रहे कार्यों को भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर रखा जाएगा ताकि लोगों को पता लग सके कि सरकार इस गेम्स के लिए क्या क्या कर रही है।

38 वें राष्ट्रीय खेलों का एंथम ‘आन बान शान ले, शौर्य का प्रमाण ले’ जल्द ही आपके मोबाइल की रिंगटोन बन सकता है। खेल मंत्री रेखा आर्या की पहल पर राष्ट्रीय खेल सचिवालय ने इसके लिए भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) को पत्र भेजा है।

राष्ट्रीय खेल इस महीने की 28 तारीख से शुरू होने हैं। खेलमंत्री रेखा आर्या ने बताया कि सरकार इसके लिए पहले ही प्रयास कर रही है कि ये नेशनल गेम्स सिर्फ सरकार का आयोजन न बनकर जन-जन का उत्सव बने। इसके लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। भव्य मशाल यात्रा के अलावा भी खेलों से जनता को जोड़ने के लिए गैरपरम्परागत तरीके भी खोजे जा रहे हैं। खेल मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय खेल के एंथम ‘आन बान शान ले, शौर्य का प्रमाण ले’ का लोकार्पण 15 दिसंबर 2024 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया था। एंथम काफी लंबा है लेकिन प्रचार की दृष्टि से एंथम के सिर्फ 30 सेकेंड के हिस्से का इस्तेमाल किया जाएगा। राष्ट्रीय खेल सचिवालय अपने पत्र पर बीएसएनएल के जवाब का इंतजार कर रहा है।

मोबाइल रिंग टोन में राष्ट्रीय खेलों का एंथम सुनाई दे, इसके लिए हमने बीएसएनएल को पत्र भेजनें के साथ ही नगर निगम के कूड़ा सफाई वाहन व रेडियो के जरिये भी राष्ट्रीय खेलों का व्यापक प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए है, इसके जरिए आम लोग खासतौर से युवा भी राष्ट्रीय खेलों के एम्बेसडर बन सकेंगे। युवाओं से मेरी अपील है कि वे अपने सोशल मीडिया एकाउंट से भी नेशनल गेम्स के एंथम और अन्य प्रतीकों को दुनियाभर में फैलाएं। इस आयोजन के साथ प्रदेश और यहां के हर नागरिक की प्रतिष्ठा जुडी है।

 

*यह है राष्ट्रीय खेल का एंथम

आन बान शान ले, शौर्य का प्रमाण ले

एकत्र सर्वश्रेष्ठ है मैदान में

ना कोई विकल्प हो, संकल्प से शिखर तक

विजय गाथा लिख दें आसमान में।

पर्वतों की गोद में, गली-गली प्रमोद में

देवभूमि की धरा अखंड ये

हर घड़ी प्रयास में, आगमन की आस में

मेजबान आज उत्तराखंड ये।

उल्लास का यह पर्व है

हर किसी को गर्व है

मान हमको भारत विराट पर

जीत की हो कामना

खेल की हो भावना

जीत का तिलक है हर ललाट पर।

खेल है खिताब है, मेल है मिलाप है

समग्र अपने देश की है एकता

स्वागत सत्कार है

अपने देश की है ये विशेषता।

गूंज विजय नाद की, जोश में भरे सभी

दहाड़ते हैं आज आसमान में।

गरजते हैं जोर से

जो आए हर ओर से

ना कोई शिकन है ना गुमान है।

आन बान शान ले, शौर्य का प्रमाण ले।

नेशनल गेम्स का सांग जब से लांच हुआ है, इसे एक्स के साथ फेसबुक, इंस्टाग्राम व अन्य माध्यमों पर अब तक लाखों लोग देख चुके हैं। रष्ट्रीय खेल के सांग को केवल उत्तराखंड में ही बल्कि पूरे देश में लोगों को रास आ रहा है। हमारा प्रयास है कि इस जरिए हम अधिक से अधिक देशवासियों तक पहुंच पाएं।

Rupesh Negi

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