लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर जानलेवा हमला अत्यंत निंदनीय, दुर्भाग्यपूर्ण,कानून व्यवस्था को लेकर Action में CM Dhami।
देहरादून/ऋषिकेश– प्रदेश की कानून व्यवस्था पर विपक्ष और भाजपा के बड़े नेताओं के हमले के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस और प्रदेश के आला अधिकारियों के साथ अपराध और कानून व्यवस्था पर एक समीक्षा बैठक की है। जिसमें मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को महिला अपराध को कम करने और प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर सख्ती से मेंटेन करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर लागू करना और महिला अपराध को कम करना सरकार की प्राथमिकता है। साथ ही सरकार डेमोग्राफिक चेंज और लव जिहाद पर भी नजर बनाए हुए हैं। वहीं एडीजी लॉ एंड ऑर्डर ए पी अंशुमन ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 2022, 2023 और 2024 में महिला अपराधों में उतनी बढ़ोतरी नहीं हुई है जितनी अफवाह जनता के बीच है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्देश दिए हैं कि जो भी अपराध होते हैं उनका अनावरण जल्द करते हुए अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जाये। एडीजी ने यह भी कहा है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों पर डीआईजी की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है जो महिला अपराधों पर नजर बनाए रखेगी और अलग-अलग विभागों में जाकर महिला अपराध रोकने सम्बन्धित वर्कशॉप का भी आयोजन करेगी।
इस प्रकरण में एसएसपी देहरादून द्वारा की जा रही देहात पुलिस की समीक्षा, अवैध शराब पर थाना ऋषिकेश पर इस साल की कार्यवाही के आंकड़े चेक किए गए, अवैध शराब की तस्करी में लिप्त अभियुक्तों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करते हुए ऋषिकेश पुलिस द्वारा विगत 08 माह के दौरान लगभग हर दूसरे दिन एक शराब तस्कर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इस दौरान पुलिस द्वारा कुल 113 अभियोग पंजीकृत हुए और 111 तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
एसओजी ऋषिकेश द्वारा शराब तस्करों पर प्रभावी कार्यवाही न करने पर देहात एसओजी को भंग किया गया।अब पूरे देहरादून में सिर्फ एक एसओजी का होगा कार्यक्षेत्र जो एसएसपी को करेगी रिपोर्ट। दो दर्जन से ज्यादा पुलिस कर्मी थाना ऋषिकेश से अन्यत्र स्थान्तरित किए गए.
ऋषिकेश में शराब तस्करों की ओर से की गई मारपीट के मामले में एसएसपी ने दो चीताकर्मियों को निलंबित कर दिया है। चीता ड्यूटी में नियुक्त कर्मचारियों ने कार्य के प्रति लापरवाही बरती। जिसके चलते एसएसपी ने चीता पुलिस के दो कर्मियों को सस्पेंड कर दिया है।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि बीती एक सितम्बर को इन्द्रा नगर में हुई घटना की जांच के दौरान प्रारम्भिक सूचना पर मौके पर पहुंचे चीता पुलिस कर्मियों ने घटना को रोकने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरती। चीता ड्यूटी में नियुक्त कांस्टेबल अमित राणा और कांस्टेबल विश्वास को तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया गया है। बताया गया है कि इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रही एक वीडियो में भी चीता कर्मियों की फुटेज सामने आई है। इससे पहले ऋषिकेश व रायवाला थाने में तैनात 37 पुलिस- कर्मियों को तबादला किया जा चुका है। यह पुलिसकर्मी लंबे समय से दोनों थानों में जमे हुए थे।

