मलेथा में इंसानों पर हमला करने वाले गुलदार को मारी गई गोली, गुलदार की मौत पर लपेटे में आए विधायक, वन मंत्री ने दिए जांच के आदेश,जनता की रक्षा और आत्मरक्षा में वन कर्मियों ने मारी गोली।
देहरादून– टिहरी जिले के मलेथा में आतंक का पर्याय बने गुलदार ने कई लोगों पर हमला किया, जिसके बाद इस गुलदार को वन विभाग ने मारा गिराया। लेकिन अब बात निकलकर सामने आ रही है कि ट्रेंकुलाइज करने के बाद गुलदार को दबाव में गोली मारी गई, जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं अब वन मंत्री सुबोध उनियाल के निर्देशों पर चीफ वाइल्ड लाइफ वॉर्डन समीर सिन्हा ने गुलदार की मौत पर जांच के आदेश दे दिए हैं।
बीते दिनों टिहरी जनपद के मलेथा में गुलदार के आतंक के चलते लोग दिन में भी अपने घरों से बाहर आने से डरने लगे थे। वहीं गुलदार ने इस दौरान कई स्थानीय लोगों पर हमला भी किया था। 23 फरवरी को गुलदार के एक घर के अंदर घुसने की सूचना मिलने के बाद सूत्रो की माने तो स्थानीय देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी ने डीएम, डीएफओ और रेंजर को गुलदार को तुरंत मारने के आदेश दिए। जिसके बाद गुलदार की धरपकड़ शुरू हुई और ट्रेंकुलाइज गुलदार को गोली मारने की बात सामने आने लगी। बता दें कि इस गुलदार ने कीर्तिनगर के नैथाणा में तीन, डांग व पैंडुला गांव में दो महिलाओं पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। जिसके बाद रात करीब 12 बजे गुलदार ने मलेथा में वनकर्मी गुड्डू के पैर पर हमला कर उसे जख्मी कर दिया था। गुलदार को पकड़ने के दौरान उसने दो वन कर्मियों पर भी हमला किया था।
सरकारें वन्य जीवों की सुरक्षा को लेकर तमाम दावे करने का काम करती है। वहीं इंसानों पर हमला करने वाले वन्य जीवों को मारने के आदेश भी वन विभाग की तरफ से दिए जाते है। लेकिन सवाल वहां खड़ा हो जाता है जब एक जानवर वन विभाग की गोली से बेहोश होने की स्तिथि में था तो फिर किसके दबाव में उसको गोली मारकर मार डाला गया। आरोपों के घेरे में बीजेपी के देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी है और बीजेपी की ही सरकार में वन मंत्री सुबोध उनियाल ने पूरे मामले की जांच के आदेश कर दिए है। अब इस जांच का इंतजार सभी को बेसब्री से है।

