बड़ी संख्या में तीर्थयात्री, देवस्थानम बोर्ड, जिला प्रशासन, तीर्थ पुरोहित, हकहकूकधारी, स्थानीय श्रद्धालु कपाट बंद होने के साक्षी बने, जानिए बद्रीविशाल के कपाट कब बंद होंगे,

बड़ी संख्या में तीर्थयात्री, देवस्थानम बोर्ड, जिला प्रशासन, तीर्थ पुरोहित, हकहकूकधारी, स्थानीय श्रद्धालु कपाट बंद होने के साक्षी बने, जानिए बद्रीविशाल के कपाट कब बंद होंगे,
Spread the love

उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2021

• भैया दूज के अवसर में प्रात: 8 बजे शीतकाल हेतु श्री केदारनाथ धाम के कपाट बंद हुए।
• सेना के बैंड बाजों की भक्तिमय धुनों के साथ कपाट बंद होने के बाद पंचमुखी विग्रह मूर्ति विभिन्न पड़ावों से होते हुए शीतकालीन गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में विराजमान होंगे।

• संपूर्ण केदारनाथ में बर्फ जमी हुई है। मौसम सर्द बना हुआ है
• बड़ी संख्या में तीर्थयात्री, देवस्थानम बोर्ड, जिला प्रशासन, तीर्थ पुरोहित, हकहकूकधारी, स्थानीय श्रद्धालु कपाट बंद होने के साक्षी बने।
• हेलीकॉप्टर सेवा जारी रही

• उत्तराखंड चारधामों में श्री गंगोत्री धाम के कपाट कल 4 नवंबर शीतकाल हेतु बंद हुए जबकि श्री यमुनोत्री धाम के कपाट आज दिन में बंद होंगे

• 20 नवंबर शनिवार भगवान बदरीविशाल के कपाट शीतकाल हेतु बंद होंगे

• 22 नवंबर भगवान मद्महेश्वर जी के कपाट बंद होंगे।

• 25 नवंबर को उखीमठ में मद्महेश्वर मेला।

• साढ़े चार लाख से अधिक तीर्थ यात्री पहुंच गये है चार धाम जिनमें दो लाख चालीस हजार से अधिक भगवान केदारनाथ जी के दर्शन को पहुंचे।

श्री केदारनाथ धाम। उत्तराखंड चार धामों में प्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग भगवान केदारनाथ मंदिर के कपाट आज शनिवार भैया दूज पर्व पर वृश्चिक राशि अनुराधा नक्षत्र में समाधि पूजा-प्रक्रिया के पश्चात विधि-विधान से शीतकाल के लिए बंद किये गए।
बर्ह्ममुहुर्त से कपाटबंद होने की प्रक्रिया शुरू हो गयी थी।
प्रात: 6 बजे पुजारी बागेश लिंग ने केदारनाथ धाम के दिगपाल भगवान भैरवनाथ का आव्हान कर धर्माचार्यों की उपस्थिति में स्यंभू शिव लिंग को विभूति तथा शुष्क फूलों से ढककर समाधि रूप में विराजमान किया।

ठीक सुबह 8 बजे मुख्य द्वार के कपाट शीतकाल हेतु बंद कर दिये गये।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु कपाट बंद होने के साक्षी रहे।

बर्फ की सफेद चादर ओढ़े केदारनाथ धाम से पंच मुखी डोली ने सेना के बैंड बाजो की भक्तमय धुनों के बीच मंदिर की परिक्रमा कर विभिन्न पड़ावों से होते हुए शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ हेतु प्रस्थान किया।

भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली ने मंदिर की परिक्रमा के बाद जय श्री केदार के उदघोष के बाद पहले पड़ाव रामपुर के लिए प्रस्थान किया।

कल 7 नवंबर डोली विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी प्रवास हेतु पहुंचेगी। 8 नवंबर को भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली के पंच केदार गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ विराजमान हो जायेगी।

इसी के साथ भगवान भगवान केदारनाथ की शीतकालीन पूजा शुरू हो जायेगी।

Rupesh Negi

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *