एसओज़ी व स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम को मिली बड़ी सफलता, नकली दवाइयों का व्यापार करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का किया पर्दाफाश।
देहरादून/ सहसपुर– एसओज़ी व स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा नकली दवाइयों का व्यापार करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का किया पर्दाफाश, एक शतिर अभियुक्त को सहसपुर पुलिस ने किया गिरफ्तार 02 अन्य अभियुक्तों की तलाश जारी।
थाना सहसपुर व सेलाकुई क्षेत्र में बहुतायत फार्मास्यूटिकल कंपनी होने के कारण सूचना प्राप्त हो रही थी कुछ व्यक्ति फार्मास्यूटिकल कंपनी से स्क्रैप हो चुकी दवाई लेकर उनको अप मिश्रित कर कैप्सूल में भरकर अन्यत्र कंपनियों को बेचने का काम कर रहे हैं।
थानाध्यक्ष सहसपुर को सूचना मिली कि दो व्यक्ति शंकरपुर में नकली दवाइयों का काम कर रहे है और शंकरपुर में ही इनके गोदाम भी है। थाना सहसपुर, एसओजी देहरादून व स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा शंकरपुर मंदिर वाली गली में स्थित एक गोदाम में छापा मारा गया तो वहां से एक अभियुक्त आशीष कुमार पुत्र अनिल शर्मा निवासी ग्राम व पोस्ट छतौनियां जिला लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश, हाल निवासी मंदिर वाली गली शंकरपुर थाना सहसपुर जनपद देहरादून उम्र 26 वर्ष को गिरफ्तार किया गया, जिसके कब्जे से लगभग 400 किलो औषधीय सामग्री बरामद हुई जिसके संबंध में वरिष्ठ औषधि निरीक्षक खाद्य संरक्षा एवं औषधी प्रशासन विभाग FDA द्वारा बरामद पाउडर ह्रदय रोग, टीबी, बुखार आदि के इलाज में प्रयोग होने वाली औषधियों के निर्माण में प्रयुक्त होना बताया गया। जिसकी सेंपलिंग स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा की गई एवं आशीष की निशानदेही पर शंकरपुर में स्थित अन्य गोदाम पर छापा मारा गया जहां से भारी मात्रा में कैप्सूल सेल्स से भरे 60 प्लास्टिक बैग बरामद किए गए। अभियुक्त आशीष कुमार उपरोक्त को गिरफ्तार कर अभियोग अंतर्गत धारा 419,420,274,275,276 भादवि तथा ड्रग एवं कॉस्मेटिक एक्ट के अंतर्गत पंजीकृत किया गया।
1- अनिल कुमार निवासी शिव नगर बस्ती सेलाकुई जनपद देहरादून।
2- इरफान निवासी रुड़की हरिद्वार।
इनसे बरामद की गई औषधीय सामग्री- 400 किलो व कैप्सूल सेल्स – 60 प्लास्टिक बैग।
अभियुक्त आशीष कुमार व अनिल कुमार दोनो लखीमपुर खीरी का निवासी है दोनो एक दूसरे को विगत 3-4 वर्ष से जानते है दोनो स्क्रैप का काम करते हैं। सेलाकुई में एल्डर फार्मास्यूटिकल नाम की एक कंपनी है जो बंद हो चुकी है अभियुक आशीष उससे यह सभी दवाइयों के पाउडर स्क्रैप में लेता है और कैप्सूल के कवर की व्यवस्था करना अभियुक्त अनिल की जिम्मेदारी होती थी। अनिल और आशीष यह पाउडर और कैप्सूल के कवर रुड़की हरिद्वार निवासी इरफान को बेच देते थे और इरफान ही यह पाउडर कैप्सूल में भरकर आगे बेचता था।

