अंकिता भण्डारी हत्याकांड में वीआईपी कोन, जनता की आंखों में धूल झोंक रही है भाजपा सरकार, पुलिस प्रशासन से जनता का विश्वास उठ चुका है, मामले की हो सीबीआई जांच।

अंकिता भण्डारी हत्याकांड में वीआईपी कोन, जनता की आंखों में धूल झोंक रही है भाजपा सरकार, पुलिस प्रशासन से जनता का विश्वास उठ चुका है, मामले की हो सीबीआई जांच।
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देहरादून– प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आज प्रेस क्लब देहरादून मे प्रेस वार्ता कर सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने का काम किया है। गोदियाल ने विधानसभा अध्यक्ष के उस बयान पर आपत्ति जताई जिसमें अध्यक्षा ने कहा था कि बिजनेस नहीं था इस वजह से सत्र को दो दिन में ही समाप्त करना पड़ा, गोदियाल ने कहा कि बिगड़ती क़ानून व्यवस्था पर विपक्ष को सदन में चर्चा नहीं करने दी गई। दो दिन में सरकार ने सत्र को जानबूझकर समाप्त किया। ताकि विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर विपक्ष चर्चा न कर पाए। इसके अलावा अंकित हत्याकांड, यूकेएसएसएससी भर्ती घोटाला, सहकारिता घोटाला, अतिथि शिक्षकों जैसे विभिन्न मुद्दों पर गणेश गोदियाल ने सरकार पर सवाल खड़े किये।

मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने सदन में कहा वीआईपी नहीं था, कमरा वीआईपी था, एसआईटी दोषियों को बचा रही है

UKSSSC भर्ती घोटाले में जमानतें मिलना सरकार की लचर पैरवी है।

सरकार उत्तराखंड के युवाओं के हित में जांच सीबीआई को दे।

सहकारिता भर्ती घोटाले में जांच हो चुकी लेकिन मंत्री नहीं चाहते इसपर कार्रवाई हो।

मंत्री धन सिंह रावत और प्रेमचंद अग्रवाल को पद से हटाकर सहकारिता और विधानसभा भर्ती घोटाले की निष्पक्ष जांच हो।

अतिथि शिक्षकों को नियमित किया जाए_गोदियाल

सिंचाई विभाग में अवर अभियंताओं की भर्ती जल्द की जाए।

 

राज्य पुलिस प्रशासन पर भाजपा की राज्य सरकार के दबाव में अंकिता भण्डारी हत्याकाण्ड में वीआईपी चेहरे का बचाव कर जनता की आंख में धूल झोंकने का आरोप लगाया है।
अंकिता भण्डारी हत्याकाण्ड में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के दबाव में पुलिस एक भी कदम आगे नहीं बढ़ पाई है तथा वीआईपी के नाम का खुलासा करने की बजाय उसके बचाव का षडयंत्र कर जनता को गुमराह करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के दबाव में किस वीआईपी चेहरे का बचाव किया जा रहा है इसका खुलासा होना चाहिए।
अंकिता भण्डारी हत्याकांड में भाजपा सरकार के दबाव में पुलिस प्रशासन द्वारा पहले दिन से ही हत्याकाण्ड के सबूत मिटाने की नीयत से रिसार्ट में तोड़फोड व आगजनी करवाना। गोदियाल ने कहा कि पुलिस महानिदेशक द्वारा अंकिता भण्डारी के पिता के बीच हुई वार्ता को बिना सहमति के सार्वजनिक करना।
अंकिता भण्डारी हत्याकाण्ड मामले पर प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष संगठन एवं प्रशासन मथुरादत्त जोशी ने भी पहले भी सवाल उठाये थे जिसमे कहा गया था कि जिस प्रकार पुलिस द्वारा सरकारी दबाव में पहले दिन से ही रवैया अपनाया गया है उससे न केवल राज्य में अपराधियों को संरक्षण मिल रहा है अपितु राज्य में अपराध का ग्राफ दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है तथा अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गये हैं कि राज्य में रोज नये-नये अपराध के मामले सामने आ रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अंकिता भण्डारी हत्याकाण्ड में अहम सुराग जिसके आधार पर मामला खुलने में मदद मिली उसी अपने वाट्सअप मैसेज में अंकिता भण्डारी ने जिस वीआईपी के नाम का उल्लेख किया है सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि उस वीआईपी तथा स्पेशल सर्विस का क्या अर्थ है? उन्होंने कहा कि अंकिता भण्डारी हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराई जाए ताकि पीड़िता के परिवार को न्याय मिल सके।

Rupesh Negi

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