एनएसए अजीत डोभाल व जनरल स्व.विपिन रावत समेत 5को उत्तराखंड गौरव सम्मान।

एनएसए अजीत डोभाल व जनरल स्व.विपिन रावत समेत 5को उत्तराखंड गौरव सम्मान।
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देहरादून– राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर दिए जाने वाले उत्तराखंड गौरव सम्मान पुरस्कार की सरकार ने घोषणा कर दी है। सरकार ने रविवार को पुरस्कार के लिए चयनित पांच विभूतियों के नामों की घोषणा की है। इनमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, देश के पहले चीफ आफ डिफेंस स्टाफ रहे जनरल स्व बिपिन रावत, केंद्रीय फिल्म सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी, प्रसिद्ध गीतकार स्व गिरीश चंद्र तिवारी गिर्दा और साहित्यकार स्व. वीरेन डंगवाल के नाम शामिल हैं।

उत्तराखंड गौरव सम्मान की शुरुआत वर्ष 2021 के स्थापना दिवस से हुई थी। प्रदेश की पांच विभूतियों को यह पुरस्कार दिया जाता है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति इन नामों का चयन करती है। रविवार को सामान्य प्रशासन विभाग ने उत्तराखंड गौरव सम्मान पुरस्कार के लिए चयनित नामों की घोषणा की। इनमें 3 विभूतियों को यह सम्मान मरणोपरांत दिया जा रहा हैं।

पिछले वर्ष इस पुरस्कार के लिए पूर्व मुख्यमंत्री स्व नारायण दत्त तिवारी, पर्यावरणिवद् पद्मभूषण डा अनिल प्रकाश जोशी, साहित्यकार रस्किन बांड, पर्वतारोही बछेंद्री पाल व लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी का नाम चयन किया गया था। तब ये पुरस्कार वितरित नहीं किए जा सके थे। इस बार दोनों वर्ष के पुरस्कार राज्य स्थापना दिवस पर 9 नवंबर को पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किए जाएंगे। पुरस्कार में 1लाख रुपये की सम्मान राशि, प्रशस्ति पत्र व प्रतीक चिह्न प्रदान किया जाता है।

राज्य स्थापना दिवस के मौके पर उत्तराखंड वाशियो बड़ी सौगात मिलने जा रही है। दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की नई ओटी, आईसीयू और इमरजेंसी बिल्डिंग अब सात साल में बनकर तैयार हुई है। राज्य स्थापना दिवस पर इसका संचालन शुरू करने की पूरी तैयारी कर ली गई है।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत इस बिल्डिंग एवं ओपीडी भवन की दूसरी विंग का शुभारंभ करेंगे। प्राचार्य डा. आशुतोष सयाना ने बताया कि सीएम एवं मंत्री से समय लिया गया है।  ओटी, निक्कू, पीकू आदि वार्ड बनकर तैयार है। इमरजेंसी, ट्रामा, बर्न यूनिट नई बिल्डिंग में शुरू होने से मरीजों को राहत मिलेगी। 129 करोड की बिल्डिंग की पिछले दो सालों से कई बार डेडलाइन बदली । लेकिन अब कार्यदायी संस्था को बार बार नोटिस भेजकर कार्य पूरा कराया गया है।

Rupesh Negi

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