महिलाओं, बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान व उन्हें स्वावलम्बी बनाना हम सब का दायित्व।

Spread the love

उत्तराखंड- देहरादून : कृषि और कृषक कल्याण मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि उत्तराखंड सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नारी सुरक्षा, नारी सम्मान एवं नारी स्वावलंबन की परिकल्पना के नजदीक पहुंच गई है।
सुबोध उनियाल जी कहा कि सरकार नारी सुरक्षा, नारी सम्मान एवं नारी स्वावलंबन के लिए प्रयासरत है और विभिन्न योजनाएं चलाकर नारी सुरक्षा सम्मान एवं स्वावलंबन के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने बताया कि कई क्षेत्रों में महिलाओं हेतु विभिन्न प्रकार की योजनाएं चलाई गयी है और उनका लाभ महिलाओं को मिल रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कर्ष कार्य कर महिलाओं ने उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। और कहा कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और उन्हें स्वावलंबी बनाना हम सब का दायित्व है, चूंकि महिलाओं के सम्मान से ही स्वस्थ व सुदृढ़ समाज की कल्पना की जा सकती है।
शांति जी कहा कि बिना भेदभाव के महिलाओं एवं बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने एवं प्रेरित करना समाज का दायित्व है।
संघ्या जी कहा कि कहा कि महिलाओं व बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन हम सब का दायित्व है। हर वर्ग के लोगों से संपर्क कर उन्हें जागरूक कर उनके अधिकारों के बारे में बताया जाएगा। उन्होंने कहा कि बेटियां बेटों से किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। जरूरत इस बात की है कि बिना भेदभाव के हम अपने बेटियों को भी पढ़ा-लिखाकर आगे बढ़ाएं और वे पढ़ लिखकर आगे बढेंगी तथा अपने घर के साथ-साथ समाज एवं जिले का नाम रोशन करेंगी।

सुशीला सेमवाल जी ने कहा कि कहा कि भाजपा ने हर मोर्चे पर जमीनी धरातल पर काम किया है। हर वर्ग के लोग सरकार की योजनाओं का लाभ ले रहे हैं और कहा कि महिलाएं बेहतर ढंग से जानती है कि भाजपा में ही उनका और देश, प्रदेश का भविष्य सुरक्षित व महिलाओं की ताकत से भाजपा पुनः और मजबूत सरकार बनाएगी।उनके अनुसार महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों के बारे में जागरुक किया जाये, ताकि वे प्रत्येक क्षेत्र में आगे आकर उत्कृष्ठ कार्य करें तथा साथ ही उन्हें सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं की भी जानकारी दी जाये, ताकि वे महिला कल्याणकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठा सके।
विशाल भट्ट कहा कि नाबालिग बच्चों द्वारा किए जा रहे अपराध, नाबालिग बेटियों पर परिचितों, सगे संबंधियों द्वारा किए जा रहे मानसिक, शारीरिक उत्पीड़न के प्रभावी नियंत्रण के लिए हमें अन्याय के खिलाफ अपनी बात कहना चाहिए। उनके कष्ट और परेशानी को हमें सुननी चाहिए। यदि अभिभावक बच्चों से 5 मिनट का समय देकर उनकी बात सुनकर उनके इस शोषण के भय को दूर करने के लिए संवेदनशील बनकर उसे सहारा देना चाहिए। उसे अपराध-बोध से मुक्त कराने हेतु मित्र बनकर अभिभावक को मार्गदर्शन और उचित परामर्श देना चाहिए।


इस अवसर पर ऋषिकेश गंगा आरती से संध्या जी युवक मंगल दल हरिपुर कला अध्यक्ष विशाल भट्ट ,गंग सबला प्रोजेक्ट मैनेजर शांति सिंह जी, सुशीला सेमवाल जी मंडल उपाध्यक्ष मुनी की रेती ऋषिकेश आदि लोग उपस्थित थे।

Rupesh Negi

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *