नैनीताल हाईकोर्ट में केशव थलवाल प्रकरण ने लिया नया मोड़, मानसिक जांच में ‘सक्षम’ पाए गए, अदालत में सख्त रुख।
नैनीताल– नैनीताल हाईकोर्ट में चर्चित केशव थलवाल प्रकरण में बुधवार को सुनवाई के दौरान मामला नए मोड़ पर पहुंच गया। अदालत में पेश की गई मानसिक परीक्षण रिपोर्ट में केशव थलवाल को “बुद्धिमान और पूरी तरह सक्षम” बताया गया है, जिससे उसे मानसिक रूप से अस्थिर साबित करने की कोशिशों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कड़ा रुख अपनाया। कोर्ट में पेश तथ्यों और रिपोर्ट को देखने के बाद उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी व्यक्ति को गलत तरीके से “मानसिक रूप से अस्वस्थ” घोषित करने की कोशिश न्याय के साथ खिलवाड़ है।
बताया जा रहा है कि इस मामले में केशव थलवाल को मानसिक रूप से अस्थिर साबित करने की कथित साजिश रची गई थी, लेकिन मेडिकल जांच रिपोर्ट ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि थलवाल न केवल मानसिक रूप से स्वस्थ हैं, बल्कि परिस्थितियों को समझने और सही निर्णय लेने में भी सक्षम हैं।
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति थपलियाल ने संबंधित अधिकारियों के रवैये पर नाराजगी जताई और सख्त टिप्पणी करते हुए “सस्पेंड करो” तक कह दिया। कोर्ट के इस तेवर से वहां मौजूद अधिकारियों और पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया।
अदालत ने संकेत दिए हैं कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या साजिश की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इस घटनाक्रम के बाद केशव थलवाल प्रकरण अब और अधिक संवेदनशील हो गया है, और आने वाली सुनवाई में कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

