देवप्रयाग में शराब की दुकान के खिलाफ उबाल, गंगाजल की बोतलें लेकर महिलाओं का उग्र प्रदर्शन, आबकारी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई और ठेका बंद करने की मांग तेज।
देवप्रयाग– देवप्रयाग के मुरारी नगर क्षेत्र में स्थित शराब के ठेके के विरोध में जनाक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को तीसरे दिन भी महिलाओं का धरना-प्रदर्शन जारी रहा, जिसने अब उग्र रूप ले लिया है। बड़ी संख्या में महिलाओं ने हाथों में गंगाजल की बोतलें लेकर विरोध दर्ज कराया और क्षेत्र में शराब बिक्री के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का आक्रोश उस समय और भड़क गया जब बीते दिन जिला आबकारी अधिकारी के.पी. सिंह पर पूर्व प्रधान पति नेत्र सिंह के साथ धक्का-मुक्की करने का आरोप लगा। इस घटना के विरोध में जिला पंचायत सदस्य पुष्पा रावत के नेतृत्व में देवप्रयाग नगर क्षेत्र के दर्जनों गांवों से आई महिलाओं ने एकजुट होकर धरना दिया।
धरना स्थल पर “के.पी. सिंह मुर्दाबाद” के नारों के साथ-साथ राज्य सरकार की शराब नीति के खिलाफ भी कड़ा विरोध जताया गया। प्रदर्शन के दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल और स्थानीय विधायक विनोद कंडारी के खिलाफ भी नाराजगी खुलकर सामने आई।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं पुष्पा रावत ने कहा कि देवप्रयाग कोई सामान्य स्थल नहीं, बल्कि यह भगवान राजा रघुनाथ की तपोस्थली और पवित्र गंगा का संगम स्थल है। ऐसे धार्मिक और आस्था से जुड़े क्षेत्र में शराब का ठेका खुलना जनभावनाओं के विपरीत है। उन्होंने कहा, “यहां शराब नहीं, गंगाजल की गरिमा बनी रहनी चाहिए।”
उन्होंने सरकार से तत्काल प्रभाव से मुरारी नगर स्थित शराब के ठेके को बंद करने तथा आरोपी आबकारी अधिकारी के.पी. सिंह के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
धरना-प्रदर्शन में पूर्व जिला पंचायत सदस्य महिपाल सिंह बुटोला, क्षेत्र पंचायत सदस्य अरविंद सजवान, नगर पालिका परिषद के सभासद राहुल कोटियाल, सीताराम रानाकोटी, सुनीता देवी, विनीता देवी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और स्थानीय महिलाएं बड़ी संख्या में मौजूद रहीं।


