उत्तराखंड की रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल में ऐतिहासिक एंट्री, लेकिन खराब स्टेडियम और पिच ने उत्तराखंड से छीनी मेजबानी।
देहरादून– बीसीसीआई से मान्यता मिलने के 7 सालों के भीतर उत्तराखंड क्रिकेट ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए रणजी ट्रॉफी 2025-26 के सेमी फाइनल में जगह बना ली है लेकिन इस उपलब्धि के साथ-साथ आज उत्तराखंड क्रिकेट को एक बड़ा झटका भी लगा है क्योंकि सेमी फाइनल में पहुंचकर अपने घरेलू मैदान पर खेलने का उत्तराखंड का सपना पूरा नहीं हो पाया है और बीसीसीआई की टीम ने देहरादून के राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम को सेमीफाइनल मैच के लिए खराब बता कर उत्तराखंड से मैच की मेजबानी छीन ली है और यह मैच अब उत्तर प्रदेश में शिफ्ट किया जा रहा है।
मंगलवार को बीसीसीआई की टीम ने देहरादून के रायपुर स्थित राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निरीक्षण किया जिसमें पिच क्यूरेटर राकेश कुमार ने ग्राउंड की कमजोरी ड्रेनेज व्यवस्था और स्टेडियम के रखरखाव के साथ-साथ पिच की सतह को खराब बताते हुए माना है कि अगर इन हालातों में ग्राउंड में मैच कराया जाता है तो खिलाड़ियों के लिए काफी जोखिम भरा हो सकता है। जिसके चलते उत्तराखंड को रणजी ट्रॉफी में इतिहास रचने के बाद भी मेजबानी करने का मौका नहीं मिल रहा। राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में कमियां सामने आने के बाद अब सेमीफाइनल मैच को उत्तर प्रदेश लखनऊ इकाना स्टेडियम या फिर कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में शिफ्ट किया जा रहा है।
7 सालों में पहली बार सेमीफाइनल में पहुंची है उत्तराखंड
साल 2019 में बीसीसीआई से मान्यता मिलने के बाद उत्तराखंड क्रिकेट ने महज 7 सालों के अंदर ही घरेलू क्रिकेट में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उत्तराखंड की टीम ने मौजूदा रणजी ट्रॉफी से पहले तीन बार रणजी ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने के साथ-साथ इस बार सेमीफाइनल में भी जगह बनाई है उत्तराखंड ने क्वार्टर फाइनल में झारखंड को जमशेदपुर के कीनन स्टेडियम में एक पारी और 6 रन से हराकर इतिहास रचा था। सेमीफाइनल में टीम का सामना केएल राहुल की अगुवाई वाली मजबूत कर्नाटक टीम से होना है, जिसमें कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल हैं।
मेजबानी मिलती तो होता उत्तराखंड को फायदा
उत्तराखंड को रणजी ट्रॉफी 2025-26 की अगर मेजबानी मिलती तो उत्तराखंड क्रिकेट के साथ-साथ राज्य के लिए भी यह बड़ी उपलब्धि थी जिसका फायदा राज्य की इकोनॉमी को भी मिलता क्योंकि उत्तराखंड का सेमीफाइनल में जिस कर्नाटक टीम से मुकाबला होना है उसमें मयंक अग्रवाल, केएल राहुल और करुण नायर जैसे भारतीय टीम के स्टार खिलाड़ी भी हैं देखने के लिए दूर-दूर से क्रिकेट प्रेमी देहरादून पहुंचने जिससे देहरादून के होटल इंडस्ट्री को भी फायदा मिलता लेकिन ग्राउंड के रखरखाव में लापरवाही के कारण उत्तराखंड को बड़ा झटका लगा है।
पूर्व सचिव क्रिकेट एसोसिएशन उत्तराखंड माहिम वर्मा ने बताया कि उत्तराखंड क्रिकेट के लिए यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐतिहासिक रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल की मेजबानी राज्य को नहीं मिल पाई। टीम ने कम समय में शानदार प्रदर्शन करते हुए पहली बार सेमीफाइनल तक का सफर तय किया, और यह मुकाबला देहरादून में होता तो स्थानीय खिलाड़ियों व क्रिकेट प्रेमियों को बड़ा लाभ मिलता। बीसीसीआई के पिच क्यूरेटर द्वारा निरीक्षण के बाद पिच को पांच दिवसीय रणजी मुकाबले के लिए उपयुक्त नहीं पाया गया, जिसके चलते मैच को उत्तर प्रदेश स्थानांतरित करना पड़ा। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था, पर्यटन और स्थानीय व्यवसायों को भी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम सरकार के अधीन है, जहां रखरखाव और पिच की गुणवत्ता पर गंभीरता से काम किए जाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में उत्तराखंड को ऐसे बड़े और ऐतिहासिक मुकाबलों की मेजबानी का अवसर मिल सके।


