एबीवीपी का 71वां राष्ट्रीय अधिवेशन शुरू, इसरो के पूर्व अध्यक्ष ने किया उद्घाटन, तीन दिवसीय अधिवेशन में देश के 1500 प्रतिनिधि करेंगे समाज से जुड़े विषयों पर चर्चा।

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देहरादून– अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन की शुरुआत शुक्रवार 28 नवम्बर से हुई, जिसका उद्घाटन इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस सोमनाथ ने किया।  इस कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के नेता और विधायक और पदाधिकारी भी स​म्मिलित हुए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन की शुरुआत शुक्रवार को देहरादून में भव्य रूप से शुरू हुई। उद्घाटन सत्र से ही अधिवेशन में समाज, शिक्षा, पर्यावरण, बांग्लादेशी घुसपैठ जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा और मंथन शुरू हुआ।  तीन दिवसीय इस अधिवेशन में देशभर से हजारों प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं, जहां राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य छात्र संघ चुनावों सहित विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे।

देशभर से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के करीब 1500 प्रतिनिधि 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन का हिस्सा बनें। अधिवेशन के दौरान समाज शिक्षा पर्यावरण बांग्लादेशी घुसपैठ जैसे कई विषयों पर आधारित प्रस्तावों पर चर्चा  का हिस्सा बने ।

तीन दिनों तक चलने वाले इस अधिवेशन में देशभर से आए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं के साथ राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य विश्वविद्यालय में होने वाले छात्र संघ चुनाव को लेकर भी चर्चा की। वहीं, अलग-अलग कई सेशन में चलने वाले इस अधिवेशन में 29 नवम्बर को शाम 4 बजे एक शोभायात्रा का भी आयोजन किया गया, जो परेड ग्राउंड, सर्वे चौक, नैनी चौक, बहल चौक से घंटाघर और दर्शन लाल चौक होते हुए वापस परेड ग्राउंड आई।  जिसमें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के देशभर से आए प्रतिनिधियों ने  हिस्सा लिया।

परेड ग्राउंड में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के भव्य आयोजन के लिए दो पंडाल लगाए गए हैं, जिसमें से एक पंडाल में भगवान बिरसा मुंडा नगर बसाया गया है, जिसमें जनरल बिपिन रावत के नाम पर एक सभागार बनाया है। इसमें  तीन दिवसीय सम्मेलन आयोजित होगा।  इसी नगर में महारानी अब्बक्का प्रदर्शनी भी लगाई गई है। वहीं,  दूसरे पंडाल को गुरु तेग बहादुर नाम दिया गया है। स्वर्गीय राधेश्याम की बैठक कक्ष बनाया गया है, जहां एबीवीपी की बैठक आयोजित की जा रही हैं और इसी पंडाल में अतिथियों और अन्य कार्यकर्ताओं के भोजन के साथ मेडिकल की व्यवस्था भी की गई है।

राजधानी के परेड ग्राउंड में आयोजित एबीवीपी के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन में सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र यहां बनाई गई महारानी अब्बक्का की प्रदर्शनी है जिसे भगवान बिरसा मुंडा नगर में विशेष रूप से स्थान दिया गया है इस प्रदर्शनी में देश के कई महापुरुषों की कलाकृतियां और ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी कई पेंटिंग्स देखने को मिलेगी। यही नहीं इस अधिवेशन में प्रदर्शनी के साथ-साथ सैंड आर्ट द्वारा बनाई गई ऑपरेशन सिंदूर की गाथा भी आकर्षण का केंद्र है जिसे एबीवीपी द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रीय कला मंच के कलाकारों ने बनाया है।

इसरो के पूर्व चीफ एस. सोमनाथ ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि मुझे देवभूमि आने का अवसर मिला। राष्ट्र निर्माण के लिए एबीवीपी युवाओं को अवसर दे रहा है तो इतना प्रभाव है कि मैं भी रोज ऐसा काम करता रहता हूं। स्पेश टेक्नोलॉजी और टेक्नोलॉजी डोमिन में कार्य किया जा रहा है।  और युवाओं को टेक्नोलॉजी  की जानकारी युवाओं को देता रहता हूं। उन्होंने कहा कि एआई भविष्य के लिए बहुत जरूरी है। समय के साथ हम  एआई को मेडिकल,कृ​षि, ​​शिक्षा,  सरकारी विभागों में एआई का योगदान हो रहा है।  राष्ट्रीय जीपीटी  पर लगातार कार्य किया जा रहा है। सरकार के लिए और इसमें युवाओं को बढ़-चढ़कर आगे आना चाहिए और राष्ट्र निर्माण में अपना सहयोग देना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि स्वदेशी भी जरूरी है हमें एक ग्लोबल इकोनॉमी सिस्टम में हैं, हमें आयात-निर्यात दोनों करना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वदेशी का नव निर्माण देश में होना चाहिए और यह समय की मांग भी है।

Rupesh Negi

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