खेल विभाग ने गढ़वाल और कुमाऊं में स्थित खेल परिसर का नाम बदले, विपक्ष ने उठाये सवाल।
देहरादून– उत्तराखंड खेल विभाग ने गढ़वाल और कुमाऊं में स्थित खेल परिसर का नाम बदलने की कवायद शुरू की है, साथ ही सभी खेल अवस्थापनाओं को एकीकृत कर नया नाम भी रखा है। ऐसे में जिन स्टेडियम की पहचान देहरादून में महाराणा प्रताप स्पोर्ट कॉलेज, राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, हल्द्वानी में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और रुद्रपुर में मनोज सरकार स्टेडियम के साथ हरिद्वार में वंदना कटारिया हॉकी स्टेडियम के नाम से होती थी, अब उनकी पहचान सरकार ने नई बनानी शुरू कर दी है, लेकिन वही मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने सरकार पर सवाल खड़े करना शुरू कर दिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन महारा का कहना है इतिहास मिटाया नहीं जा सकता, न ही नाम बदलकर दबाया जा सकता है। उन्होंने कहा सरकार द्वारा स्टेडियमों के नाम बदलने का निर्णय न केवल तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि भाजपा की राजनीति केवल नाम बदलने तक सिमट कर रह गई है। साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस फैसले का विरोध करती हैं और मांग करते हैं कि जनभावनाओं का सम्मान किया जाए।

वहीँ सरकार ने विपक्ष के लगाए सभी आरोपों का खंडन कर दिया है. खेल मंत्री रेखा आर्य का कहना है कि किसी भी स्टेडियम का नाम नहीं बदला गया है। केवल सम्पूर्ण खेल परिसर को नाम दिया गया है, जिसमें स्थापित विभिन्न खेल अवस्थापना सुविधाओं के जो नाम पूर्व से प्रचलित है वे यथावत् रहेगे।
विभाग के अन्तर्गत जनपद देहरादून के रायपुर खेल परिसर, जनपद हरिद्वार के रोशनाबाद खेल परिसर, जनपद ऊधमसिंह के रूद्रपुर खेल परिसर एवं जनपद नैनीताल के हल्द्वानी में स्थित गोलापार खेल परिसर में निर्मित की गयी अवस्थापना सुविधाओं की पहचान तथा आयोजित होने वाली प्रतियोगिताओं के दृष्टिगत प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों एवं आगुन्तकों को आयोजन स्थलों की पहचान को ध्यान में रखते हुये रायपुर खेल परिसर देहरादून का नाम रजत जयंती खेल परिसर, गौलापार खेल परिसर हल्द्वानी का मानसखंड खेल परिसर, रूद्रपुर खेल परिसर ऊधमसिंह नगर का शिवालिक खेल परिसर तथा रोशनाबाद खेल परिसर हरिद्वार का नाम योग स्थली खेल परिसर किया गया है।

