जिला सैनिक कल्याण अधिकारी रिटायर कर्नल को रिश्वत लेते विजिलेंस ने किया गिरफ्तार।
बागेश्वर– जिले में तैनात जिला सैनिक कल्याण अधिकारी को कार्यालय के एक कार्मिक के अनुबंध बढाने के एवज में रिश्वत लेते विजिलेंस टीम हल्द्वानी ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। विजिलेंस टीम पिछले एक हफ्ते से इस कार्यवाही को अंजाम देने में जुटी थी। जिला स्तर के बड़े अधिकारी को रिश्वत लेते पकड़े जाने से पूरे जिले मे हड़कम्प मचा हुआ है। लोगो का कहना है कि जब सेना के इतने बड़े स्तर के अधिकारी रिश्वत देते पकड़े जा रहे है। तो इससे सेना में ईमानदारी से कार्य कर रहे लोगो पर भी उंगलियां उठनी लाजमी है। हल्द्वानी विजिलेंस की टीम को सैनिक कल्याण में उपनल के माध्यम से कार्यरत कार्मिक कैलाश चन्द्र पंत ने जिला सैनिक कल्याण अधिकारी पर उनका अनुबंध बढाने के लिए 90 हजार रुपये मांगने की शिकायत की थी। कार्मिक की शिकायत पर विजिलेंस टीम ने उच्चाधिकारियों के निर्देश पर टीम का गठन कर शिकायत की जांच करते हुए सही पाया। जिस पर विजिलेंस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल डॉ. सुबोध शुक्ला को विजिलेंस टीम ने 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोप है कि कर्नल शुक्ला पीड़ित से 90 हजार की मांग कर रहे थे, लेकिन बाद में मामला 50 हजार में तय हुआ।
विभाग में कार्यरत अन्य कर्मचारी भी अधिकारी के व्यवहार से परेशान थे। सैनिक कल्याण कार्यलय में इतने अहम पद पर कार्यरत अधिकारी द्वारा रिश्वत लिये जाने का मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
बताया जा रहा है कि आरोपी अधिकारी ने सेवानिवृत्त फौजी से उपनल के माध्यम से सेवा विस्तार के बदले मोटी रकम की मांग की थी, जिसकी शिकायत पीड़ित द्वारा सतर्कता अधिष्ठान में की गई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह उपनल से सैनिक कल्याण विभाग में अनुबंधित रूप से कार्य करता है, जिसका 11 माह का कार्यकाल होता है। अगले 11 माह के सेवा विस्तार के बदले में सुबोध शुक्ला ने 50 हजार रुपये की मांग की। प्राथमिक जांच में मामला सही पाए जाने पर हल्द्वानी सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर के पुलिस उपाधीक्षक अनिल सिंह मनराल के निर्देशन में विजिलेंस की ट्रैप टीम का गठन किया गया।
विजिलेंस ने जिला सैनिक कल्याण अधिकारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। विजिलेंस निदेशक डॉ. वी. मुरूगेशन ने ट्रैप टीम की सराहना करते हुए उन्हें नकद पुरस्कार देने की घोषणा की। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार की सूचना विजिलेंस के टोल फ्री नंबर 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन 9456592300 पर दें, ताकि भ्रष्टाचार के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई की जा सके।


