उत्तराखंड में 38 वाँ राष्ट्रीय खेल की सभी तैयारी पूर्ण, राष्ट्रीय खेलों मे दिखेगी पुरे भारत की प्रतिभाए।।

उत्तराखंड में 38 वाँ राष्ट्रीय खेल की सभी तैयारी पूर्ण, राष्ट्रीय खेलों मे दिखेगी पुरे भारत की प्रतिभाए।।
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देहरादून– उत्तराखंड में होने वाला 38 वाँ राष्ट्रीय खेल कई मायनों में महत्वपूर्ण होगा। इस महाआयोजन में केंद्र से लेकर राज्य सरकार की तमाम एजेंसियां काम कर रही हैं। प्रयास यही है कि राष्ट्रीय खेलों में हर पहलू को आत्मसात किया जाए। एक ऐसा ही प्रयास है देश के कोने कोने से आए स्कूली छात्रों को इस बड़े इवेंट का हिस्सा बनाना। रजत जयंती खेल परिसर में मौजूद सैकड़ों छात्र इन दिनों ट्रेनिंग ले रहे हैं। यह ट्रेनिंग वालेंटियर की है। भारत के कोने कोने से आए ये युवा छात्र अपनी सेवा को लेकर खासे उत्साहित भी नजर आ रहे हैं।

दरअसल, राष्ट्रीय ओलंपिक संघ द्वारा देश के सभी राज्यों को एक पत्र भेजा गया। इस पत्र में प्रदेशों के स्कूलों से वालेंटियर के लिए छात्रों को उपलब्ध कराने की पैरवी की गई। इसका असर भी देखने को मिला। देश के कोने कोने से आए छात्र रजत जयंती खेल रहे पर अखंड भारत की छाप छोड़ रहे हैं। क्या मणिपुर, क्या बंगाल, आसाम, गुजरात, नागालैंड, यूपी, बिहार, दिल्ली सहित अन्य राज्यों के छात्र इस समय वालेंटियर की ट्रेनिंग ले रहे हैं।भाषा भले ही सभी की अलग हो लेकिन राष्ट्रीय खेल का हिस्सा बनना उन्हें उत्साहित कर रहा है। पुणे से आए आर्यन और साहिल से बातचीत के दौरान बेहद खुश नजर आए। नागपुर की हितैषी अग्रवाल हो या फिर सोहम आर्यन बीस दिन तक देवभूमि में ही रहेंगे। वालेंटियर्स की ड्यूटी देहरादून के उस हर स्थान पर होगी जहां खेल होने हैं। ओपनिंग सेरेमनी में भी ये छात्र अपनी सेवा देंगे। छात्रों को ट्रेनिंग दे रहे सीनियर कंसल्टेंट यश कोठारी ने बताया हर वालेंटियर को दिन के हिसाब से पांच_पांच सौ रुपए दिए जाएंगे। राज्य सरकार की तरफ से सभी को कीट भी उपलब्ध कराया जाएगा। इनके खाने पीने की व्यवस्था भी सरकार ही कर रही है। अब तक करीब 800 वालेंटियर्स को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। राष्ट्रीय खेलों के समापन के बाद सभी वालेंटियर्स को सर्टिफिकेट भी मिलेगा।

प्रतीक ने कहा मैने कभी नहीं सोचा था राष्ट्रीय खेल जैसे बड़े आयोजन का हिस्सा बनने का अवसर प्राप्त होगा। यही वजह रही कि जब स्कूल की तरफ से मौका दिया गया तो मैं तुरंत तैयार हो गया। पुणे की तुलना में देहरादून में ठंड ज्यादा लेकिन अच्छा लग रहा यहां आकर।

धृतीमन ने कहा की हमारे लिए सबकुछ नया और सुखद अनुभूति देने वाला है। रजत जयंती खेल परिसर अपने आप में एक अलग दुनिया नजर आ रही है। हम यहां महा आयोजन का हिस्सा बनेंगे यह हमारे लिए बेहद खुशी की बात है।

कानपुर से आये हितैषी अग्रवाल, ने कहा किसी भी तरह राष्ट्रीय खेल का हिस्सा बनना गौरव की बात है। जब मेरे स्कूल की तरफ से यह मौका दिया गया तो मैंने तुरंत स्वीकार कर लिया। गार्जियन ने भी देहरादून के लिए हां कर दी।

पुणे से साहिल ने कहा कि यह वाकई बड़ा मौका है। अभी मैं फर्स्ट ईयर की छात्र हूं। देहरादून आकर अच्छा लगा। मैं पूरा प्रयास करूंगी कि जो भी कार्य मुझे दिया जाए मैं उसको पूरी शिद्दत के साथ निभा सकूं।

नागपुर के हितैषी अग्रवाल ने कहा कि किसी भी तरह राष्ट्रीय खेल का हिस्सा बनना गौरव की बात है। जब मेरे स्कूल की तरफ से यह मौका दिया गया तो मैंने तुरंत स्वीकार कर लिया। गार्जियन ने भी देहरादून के लिए हां कर दी।

पुणे के आर्यन ने कहा कि इस खेल का हिस्सा बनना ही अपने आप में बड़ी बात है। हमें खेलों के समापन के बाद सर्टिफिकेट भी मिलेगा जो हमारे लिए काफी मायने रखता है। देश के कोने कोने से खिलाड़ी यहां आ रहे हैं जिनका खेल देखने के लिए हम इंतजार कर रहे। वालेंटियर के तौर पर मैं अपनी सेवा देने को पूरी तरह तैयार हूं।

Rupesh Negi

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