शासन ने फारेस्ट चीफ के अधिकार किए सीज, 2 दिन पहले ही कोर्ट के आदेश पर संभाली दी जिम्मेदारी।

शासन ने फारेस्ट चीफ के अधिकार किए सीज, 2 दिन पहले ही कोर्ट के आदेश पर संभाली दी जिम्मेदारी।
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देहरादून– फारेस्ट चीफ के अधिकार किए गए सीज

4 अप्रैल को राजीव भरतरी ने कोर्ट के आदेश पर लिया था फारेस्ट चीफ का चार्ज

शासन की अनुमति के बिना राजीव भरतरी नहीं कर सकेंगे कर्मचारी अधिकारियों के तबादले

शासन की अनुमति के बिना कर्मचारियों के कार्य विभाग में भी फेरबदल नहीं कर सकेंगे भरतरी

सभी नीतिगत निर्णय शासन की अनुमति के बाद ही ले सकेंगे राजीव भरतरी

आदेशों का कड़ाई से हो पालन दिए गए सख्त निर्देश

अवैध निर्माण वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार के मामले में चार्जसिटेट होने के चलते राजीव भरतरी के अधिकार किए गए सीज।

उत्तराखंड वन विभाग के मुखिया राजीव भरतरी की मुश्किलें कम होने का नाम ही नही ले रही है, हाल ही में राजीव भरतरी ने हाईकोर्ट के निर्देशों के क्रम में वन विभाग के मुखिया का चार्ज लिया था, चार्ज लेने के दूसरे ही दिन शासन ने उनके अधिकारों को सीज कर दिया,

वन विभाग के मुखिया राजीव भरतरी ने कोर्ट के जरिए हॉफ की कुर्सी तो ले ली, लेकिन शासन से उनके खिलाफ आए एक आदेश ने उनकी मुश्किलों को बढ़ा दिया है, कॉर्बेट नेशनल पार्क में अवैध निर्माण मामले में चार्जशीट होने के बाद उन्हें वन मुखिया की कुर्सी से हटा दिया था।

इसके बाद राजीव भरतरी ने लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार हाईकोर्ट के निर्देशों के क्रम में 2 दिन पहले ही हॉफ का पद पाने में कामयाबी हासिल कर थी , लेकिन आज शासन ने इस मामले में एक नया आदेश जारी करते हुए राजीव भरतरी के तबादले और नीतिगत फैसला लेने से जुड़े अधिकारों को शासन के निर्णय के अधीन कर दिया।

बता दें कि वन विभाग के मुखिया राजीव भरतरी ने आज इस संदर्भ में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी सचिवालय में मुलाकात की और अपनी बात रखी। उन्होंने ने कहा की उनकी मुख्यमंत्री से सिर्फ शिष्टाचार भेंट हुई है, जो आदेश शासन की तरफ से दिया गया है, वे उन्हें स्वीकार करते है। राजीव भरतरी ने कहा हाई कोर्ट के निर्देशों के क्रम में उन्हें हॉफ बनाया गया है, जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का शुक्रिया अदा किया और शासन जिस भी तरह का निर्णय लेगा, वह उसके साथ होंगे।

उत्तराखंड वन विभाग में राजीव भरतरी के साथ एक और आईएफएस अफसर है, जिन्हें आज शासन ने बड़ा झटका दिया है, शासन की तरफ से मानव संसाधन विकास और कार्मिक देख रहे आईएफएस अधिकारी मनोज चंद्रन से जिम्मेदारी वापस ले ली गई है. यही नहीं 1 दिन पहले 10 अधिकारियों के तबादलों को भी निरस्त कर दिया गया।

इसकी जगह आपदा की जिम्मेदारी देख रहे, आईएफएस अधिकारी निशांत वर्मा को इसकी अतिरिक्त जिम्मेदारी दे दी गई है, कि 1 दिन पहले ही वन विभाग में 10 वन क्षेत्राधिकारीयों को नई पोस्टिंग दी गई थी और इसके बाद शासन में हड़कंप मच गया था, ऐसे में अब इन सभी नई पोस्टिंग को निरस्त करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं, साथ ही मनोज चंदन से मानव संसाधन विकास एवं कार्य की जिम्मेदारी ले ली गई।

Rupesh Negi

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