उत्तराखंड में लगा बिजली का झटका, जाने कितने फीसदी बढे दाम, घरेलू उपभोक्ता पर भी पड़ा असर।

उत्तराखंड में लगा बिजली का झटका, जाने कितने फीसदी बढे दाम, घरेलू उपभोक्ता पर भी पड़ा असर।
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देहरादून–  उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने प्रदेश में बिजली की नई दरें घोषित करने का काम किया है। Uerc में आयोजित पत्रकार वार्ता में आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष और सदस्य तकनीकी ने संयुक्त रूप से पत्रकार वार्ता कर नई दरों की घोषणा की है। बढ़ी हुई नई दरें 01 अप्रैल से लागू होंगी। यूईआरसी ने साल 2023-24 में चौथी बार बिजली दरों में इजाफा किया है, आयोग के सदस्य तकनीकी एम के जैन का कहना है कि यूपीसीएल ने 16.96 % इजाफे का प्रस्ताव आयोग को सौंपा था। लेकिन आयोग ने इसके सापेक्ष केवल 9.64 % वृद्धि की है। जिसमे घरेलू उपभोक्ताओं के प्रभावी टैरिफ में केवल 1.79% वृद्धि की है साथ ही यूपीसीएल को आदेशित किया है की घरेलू उपभोक्ताओं को मासिक आधार पर बिजली के बिल भेजने की व्यवस्था की जाए।

उत्तराखंड में औद्योगिक और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की नई दरें लागू की गई हैं, सभी सेगमेंट में दरें बढ़ाई गई हैं, लेकिन मछली पालकों को इसमें राहत दी गई है।  उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने साल 2023-24 के लिए बिजली टैरिफ प्लान घोषित किया है जिससे राज्य में बिजली उपभोक्ताओं को महंगाई का झटका लगने जा रहा है, यह पहला मौका है जब बिजली की दरों में 13.25 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जिसमें सबसे ज्यादा बिजली का भार घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ने जा रहा है, बिजली की बढ़ी हुई दरें 1 अप्रैल से लागू हो जाएंगी।

बिजली वितरण कंपनियों ने विद्युत नियामक आयोग को टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा था जिसके बाद बिजली की दरें बढ़ाई गई हैं,  इस टैरिफ प्लान में सबसे ज्यादा बिजली के बढ़े दामों की मार आम जनता पर पड़ने जा रही है। घरेलू उपभोक्ताओं को अब 100 यूनिट तक प्रति यूनिट 25 पैसे अधिक देने होंगे, जबकि कॉर्मशियल उपभोक्ताओं को 30 से 80 पैसे अधिक चुकाने होंगे यानी उन्हें 0.57 फीसदी अधिक चुकाने होंगे। इसके अलावा उद्योगिक इकाइयों के लिए भी बिजली की दरें बढ़ाई गई हैं। औद्योगिक क्षेत्र के लिए बिजली की दर में 65 पैसे प्रति यूनिट बढ़ाई गई है, उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी टैरिफ में केवल मछली पलकों को राहत दी गई है और उनको कॉमर्शियल स्लैब से हटाकर डोमेस्टिक में रखा गया है।

हालांकि उन लोगों को इसमें राहत दी गई है जो अपने उपभोक्ता बिल जेनरेट होने के 10 दिन के भीतर ही पैसे जमा कर देंगे, उनपर बढ़े हुए दाम लागू नहीं होंगे, नई दर के अनुसार औद्योगिक क्षेत्र में 1.34 प्रतिशत तक बिजली की दरें बढ़ाई गई हैं जबकि कमर्शियल बिजली में 0.57 प्रतिशत दाम बढ़ गए हैं, इसमें सबसे ज्यादा इजाफा रेलवे के लिए किया गया है, रेलवे के लिए बिजली की दरें 9.68 फीसदी बढ़ाई गई हैं, बता दें कि उत्तराखंड को ऊर्जा प्रदेश कहा जाता है लेकिन यहां के हाइड्रो पावर का 30 फीसदी ही प्रदेश में इस्तेमाल होता है और बाकी बाहर भेजा जाता है।

Rupesh Negi

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