उत्तराखंड चार धाम यात्रा 20 फरवरी से शुरू होंगे पंजीकरण, ऑनलाइन-ऑफलाइन दोनों की होगी व्यवस्था, भव्य ओर सुगम बनाने को प्रशासन ने कसी कमर।
देहरादून– उत्तराखंड की चार धाम यात्रा जोकि धार्मिक ओर आर्थिक दृष्टि से उत्तराखंड के लिए बहुत महत्वपूर्ण स्थान रखती है, उत्तराखंड की जब यात्रा का संचालन भव्य तरीके से होता है तो स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिलता है और साल 2022 में यात्रा ने सभी पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया लाखों श्रद्धालु चारों धाम के दर्शन करने पहुंचे। एक आंकड़े के अनुसार 2022 की यात्रा में चारधाम तथा हेमकुंड साहिब में रिकार्ड 46 लाख 27 हजार 292 श्रद्धालु पहुंचे।
उत्तराखंड चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण 20 फरवरी से शुरू होंगे। पंजीकरण के लिए ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन व्यवस्था भी होगी। चारधाम यात्रा की तैयारियां शुरू हो चुकी है। मंगलवार को गढ़वाल आयुक्त सुशील कुमार ने ऋषिकेश में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ चारधाम यात्रा सीजन की पहली बैठक की। बैठक के दौरान पूर्व में यात्रा के दौरान आई समस्याओं और उनके निराकरण के साथ व्यवस्था तैयार करने पर चर्चा की गई।
इस बैठक में तय किया गया कि यात्रा के लिए पंजीकरण 20 फरवरी से शुरू होंगे। इस बार ऑनलाइन पंजीकरण के साथ ऑफलाइन पंजीकरण की व्यवस्था होगी। पीपलकोटी, हेलंग, पांडुकेशर और गोविंद घाट यात्रा पड़ाव पर सुविधाएं बढ़ाई जाएं। साथ ही यह भी तय हुआ कि परिवहन और पर्यटन विभाग के एक ही एप से पंजीकरण करवाया जाएगा। गत वर्ष दो एप से पंजीकरण होने के चलते यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी थी।
चारधाम यात्रा में करीब 1600 बसें चलेंगी। फिलहाल अभी 1100 बसें उपलब्ध है। आरटीओ ने गढ़वाल आयुक्त से संबंधित परिवहन कंपनियों को निर्देश देने को कहा है। नगर निगम सभागार में आयोजित बैठक में आरटीओ प्रशासन सुनील कुमार ने कहा कि हमें 1600 बसों की जरूरत है। जबकि हमारे पास रोटेशन के 1100 बसें उपलब्ध है। केएमओयू की 50 बसें मंगाई जाएगी। जबकि 50 बसें रोडवेज की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी। कोई भी ट्रांसपोर्ट कंपनी रोटेशन से बाहर नहीं होगी। पिछले साल यातायात एवं पर्यटन विकास सहकारी संघ लि. और दून वैली रोटेशन से बाहर थी। उन्होंने बताया कि इस बार ट्रांसपोर्टर 150 नई बसें ला रहे हैं। एक परिवहन कर अधिकारी की तैनाती की जाएगी, जो विभाग को यह डाटा उपलब्ध कराएगा कि कितनी बसें चारधाम यात्रा पर गई, कितने आई। कितनी बसें यात्रा पर जाने के लिए तैयार हैं। कहा कि पिछले साल यात्रा चेक पोस्ट पर कनेक्टिविटी न होने से बसों को ऑनलाइन चेक करने में परेशानी हुई थी। इस बार इस व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा। गढ़वाल आयुक्त ने कहा कि पंजीकृत यात्रियों और वाहनों की संख्या को लेकर सामंजस्य बनाया जाए।
साल 2022 में केदारनाथ यात्रा स्थानीय व्यवसायियों के लिहाज से भी काफी बेहतर रही। हेली सेवा के टिकट, घोड़ा खच्चरों और डंडी कंडी के यात्रा भाड़े की बात करें तो, लगभग 190 करोड़ से ज्यादा का यहां कारोबार हुआ केदारनाथ धाम में घोड़े खच्चर वालों ने करीब 109 करोड़ 28 लाख रुपये का रिकॉर्ड कारोबार किया था।
वर्ष 2023 चार धाम यात्रा को लेकर यात्रा प्रशासन संगठन की ओर से सभी कार्य पूर्ण करने के लिए 31 मार्च तक की डेडलाइन निर्धारित की गई है।
नगर निगम सभागार में आयुक्त गढ़वाल मंडल ने सभी विभागों की सिलसिलेवार तैयारियों को लेकर समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी विभाग 31 मार्च तक कार्य पूरा कर लें। पंजीकरण को लेकर जिला पर्यटन अधिकारी ने बताया कि केदारनाथ धाम के कपाट खोलने की घोषणा शिवरात्रि के रोज हो जाएगी। उसके बाद 20 फरवरी को पंजीकरण को लेकर सारी व्यवस्थाएं सार्वजनिक कर दी जाएगी। देश के सभी राज्यों में व्यवस्था का व्यापक प्रचार-प्रसार होगा। ऑनलाइन पंजीकरण के अतिरिक्त श्रद्धालुओं को ऋषिकेश और हरिद्वार में ऑफलाइन फोटो मैट्रिक पंजीकरण की भी सुविधा उपलब्ध होगी।
आयुक्त गढ़वाल मंडल सुशील कुमार ने कहा कि बदरी-केदार मंदिर समिति धामों पर पारदर्शी व्यवस्था बनाए। मई और जून के महीने में बड़ी संख्या में श्रद्धालु धामों पर पहुंचेंगे। इसलिए कोशिश की जाएगी धामों पर होने वाली कथा और प्रवचन आफ सीजन में आयोजित हो। उन्होंने कहा कि वीआईपी के कारण आम श्रद्धालु को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।
चार धाम यात्रा को लेकर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा इस बार यात्रा की तैयारियां पूर्ण कर ली गई है और पिछले बार से ज्यादा श्रद्धालु इस यात्रा में दर्शन करने पहुंचेंगे उनको किसी प्रकार की असुविधा ना हो इसको लेकर हम हर क्षेत्र में काम कर रहें है।
पिछले साल की यात्रा से आर्थिकी को बूस्टप मिला था इस बार और ज्यादा यात्रियों के आने के संकेत हैं जिसको लेकर हम पूर्ण तैयारी कर रहे हैं चाहे हेली सेवा दुरुस्ती करण का मामला हो या घोड़े खच्चर को लेकर व्यवस्थाएं हो स्वास्थ्य की सुविधाएं हो इस बार किसी प्रकार की असुविधा किसी भी यात्री को होने वाली नहीं है उसको लेकर व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रहेगी।


