सरकार के लिए गैर हुआ गैरसैण,सरकार की नीतियों के खिलाफ 21 नवंबर को सचिवालय कूच।
देहरादून– विधानसभा भर्ती में भी अनियमितता होने की बात सामने आई।
2002 से 2022 तक तमाम नियमावलियों का उल्लंघन किया गया।
विधानसभा अध्यक्ष ने नियमावली की बांटते हुए निर्णय लिया।
2012 के बाद की भर्ती गलत और पुरानी की कोई चर्चा नही।
उत्तराखंड का दुर्भाग्य है 22 साल में स्थाई राजधानी का नही है पता
सरकार के लिए गैर हुआ है गैरसैण
उत्तराखंड में एक बार फिर से विधानसभा सत्र पर सियासत गरमा गई है, दरअसल सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक धामी सरकार देहरादून में ही विधानसभा का शीतकालीन सत्र कराने जा रही है जिसपर पूर्व नेता प्रतिपक्ष और चकराता से विधायक प्रीतम सिंह ने धामी सरकार पर जमकर निशाना साधा है, उनका कहना है कि सरकार गैरसैण में सत्र कराने से बच रही है जबकि विपक्ष गैरसैण में सत्र के लिए तैयार है, बीजेपी के लिए गैरसैण गैर है और सरकार की कथनी और करनी में अंतर है…. बता दे की सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उत्तराखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र 29 नवंबर से पांच दिसंबर तक देहरादून विधानसभा में शुरू होगा। हालांकि सरकार की ओर से अभी अंतिम निर्णय लिया जाना अभी बाकी है।
कांग्रेस विधायक और पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने बताया कि सरकार की नीतियों के खिलाफ 21 नवंबर को सचिवालय कूच करने का एलान किया है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा उन्होंने कहा भाजपा सरकार को बने हुए 9 महीने पूरे हो चुके हैं और इन 9 महीनों में सरकार ने कितने घाव उत्तराखंड राज्य को दिए हैं, सब जनता देख रही है। सत्ता में बैठे लोगों ने 2022 में लोगों से वादा किया था कि नौजवान साथियों को रोजगार देने का काम करेंगे। लेकिन आयोग के माध्यम से भर्ती घोटाला हुआ है। बेरोजगार युवाओं भविष्य के साथ खिलवाड किया गया है। 2016 ओर 2022 की विधानसभा की भर्तीयो में आनन फानन में निर्णय लिया गया है।
कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने उत्तराखंड की काननू व्यवस्था पर भी सवाल उठाये हुए अंकिता भण्डरी प्रकरण की सीबीआई जांच होनी चाहिए, प्रदेश के अंदर मंत्री की हत्या की साजिश रची जाती है। यह कि कानून व्यवस्था को कुछ पता ही नही रहता उन्होंने कहा 21 नवंबर को कांग्रेस सचिवालय कूच करेगी।


