रॉयल्टी नाम पर खेल करने का आरोप,सहकारिता में भी किया भर्ती घोटाला,विवादास्पद पत्रों की एकाएक बाढ़, सभी मुद्दों पर कांग्रेस पत्रकार वार्ता।
देहरादून _ कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा की पत्रकार वार्ता कर सरकार पर लगाए खनन के नाम पर खेल करने का आरोप, रॉयल्टी के कागज उपलब्ध न कराने पर 05 % की धनराशि काटने का नया फरमान हुआ जारी, खनन चोरी से होने वाली हानि, ठेकेदारों से वसूलने का धामी सरकार ने अपनाया नया तरीका, मेरा सीधा आरोप,
सहकारिता में भी किया गया भर्ती घोटाला: माहरा
त्रिवेंद्र रावत सरकार में बीजेपी के मंत्री और विधायक ने उठाया था मुद्दा,
UKSSSC में 06 लोगो की गिरफ्तारी से भ्रष्टाचार साबित हुआ, जिससे सरकार की कथनी ओर करनी मे साफ फर्क दिखता हैं,
महारा ने आरोप लगते हुए कहा की नैतिकता के आधार पर दोनो मंत्री को इस्तीफा देना चाइये,
मुख्यमंत्री को चाहिए की सभी मामलों की सिटिंग जज से कराए जांच जाये जिससे दूध का दूध ओर पानी का पानी साफ नज़र आये,
विवादास्पद पत्रों की एकाएक आई बाढ़: माहरा
कॉपरेटिव में हुए भर्ती घोटाले की तरफ भी करण मेहरा ने किया ध्यान आकर्षित किया ओर कहा की दो विधायकों ने इस विषय को उठाया था त्रिवेंद्र सिंह की सरकार में यह सरकार ने माना भी था जब गणेश गोदियाल अध्यक्ष थे तो इस विषय को लेकर सचिवालय के गेट पर धरना दिया था जिसमें विभाग के अधिकारियों ने स्वीकार किया था कि हमारे विभाग में बैक डोर से इंट्री करा कर नियुक्ति दी गई है। इसकी निष्पक्ष जांच सरकार को कराई जानी चाहिए
माहरा ने कहा की विभागीय मंत्री जब तक अपने पद पर बने रहेंगे तब तक निष्पक्ष जांच नहीं हो सकती,मन्त्री जाँच को प्रभावित करेंगे।
कॉपरेटिव में हुए भर्ती 61 लोगों को नियुक्तियां दी गई और इन 61 लोगों में अधिकतर ऐसे हैं जो अध्यक्ष के जानने वाले या रिश्तेदार हैं हम इसकी भी जांच की मांग करते हैं,
पहले मंत्री जी का इस्तीफा ले, जब तक जांच ना किया जाए क्योंकि निष्पक्ष जांच के लिए मंत्री जी का इस्तीफा होना जरूरी है
विवादास्पद पत्रों की प्रदेश मे बाढ़ आई हुए हैं, जिसमें खाद्य पूर्ति आपूर्ति को राज्य से बाहर निजी कार्यक्रम जाने के लिए एक सरकारी आदेश पारित होता है। जबकि मुख्यमंत्री ने कहा है की आपदा के दौरान कोई भी अधिकारी छुट्टी ना जाये,ओर ना फ़ोन स्विच ऑफ रखे, ओर इस पत्र मे सभी अधिकारियो को राज्य से बाहर बुलाया गया हैं। जोकि प्रदेश की हित मे नहीं हैं,
उसके बावजूद इस तरीके का पत्र लिखा गया है जो बहुत गलत है, इसमें मुख्यमंत्री संज्ञान लेना चाइये।


