आखिर डोईवाला अस्पताल का अनुबंध हुआ निरस्त, यूकेडी ने बाँटी मिठाई मनाई खुशियाँ।
देहरादून – डोईवाला – सामुदायिक अस्पताल डोईवाला का हिमालयन अस्पताल से प्रो बोनो एग्रीमेंट खत्म होने पर उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में जमकर खुशी मनाई, नारेबाजी की और मिष्ठान वितरण किया।
डोईवाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भाजपा सरकार के तत्काल मुख्यमंत्री रहे त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अनुबंध स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के साथ कर दिया था तब से यह अस्पताल रेफर सेंटर बनकर रह गया, अनुबंध की शर्तों का अनुपालन कराने वाली कमेटी का गठन किया गया था, उन्होंने भी एक बार अस्पताल की तरफ जा कर नहीं देखा इसका सीधा असर गरीब मरीजों की जेब पर पढ़ रहा था जहां पहले उनका इलाज लगभग निशुल्क हुआ करता था अब उनको अपनी जेब से भारी-भरकम धनराशि खर्च करने को मजबूर थे, कोई भी व्यक्ति इस अनुबंध के पक्ष में नहीं था समय-समय पर इस अनुबंध के खिलाफ आंदोलन होते रहे जो स्थानीय लोगों के द्वारा किये जा रहा थे ।
यूकेडी नेता शिव प्रसाद सेमवाल ने कहा कि एक लड़ाई तो यूकेडी डोईवाला की जनता के सहयोग से जीत गई है अब अस्पताल के उच्चारण के लिए पूर्व में निरस्त राशि 8 करोड़ 42 लाख को रिवाइज स्टीमेट के साथ दोबारा से स्वीकृत कराने के लिए संघर्ष किया जाएगा।
साथ ही अस्पताल में डॉक्टरों तथा नर्सिंग स्टाफ के रिक्त पदों को भरने के लिए नए सिरे से संघर्ष किया जाएगा।
उत्तराखंड क्रांति दल के पूर्व जिलाध्यक्ष केंद्रपाल सिंह तोपवाल तथा संजय डोभाल ने डोईवाला की जनता का आभार जताते हुए कहा कि अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के लिए यूकेडी सदैव तत्पर रहेगी।
गौरतलब है कि अस्पताल आंदोलन के समय अनुबंध समाप्त कराने के संकल्प को लेकर यूकेडी जिला संरक्षक केंद्रपाल सिंह तोपवाल और वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष धर्मवीर गुसांई ने मुंडन कराया था तथा बालों को अनुबंध समाप्त होने के बाद ही विसर्जित करने का संकल्प लिया था। धर्मवीर गुसाई ने कहा कि अब बालों को संकल्प पूरा होने के बाद गंगा में विसर्जित कर दिया जाएगा।

इस अवसर पर उत्तराखंड क्रांति दल महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल, नगर अध्यक्ष बीना नेगी, भावना मैठाणी, तारा देवी यादव, निर्मला भट्ट, नगर उपाध्यक्ष योगी पवार, अवतार सिंह बिष्ट, सुरेंद्र सिंह चौहान, शशि बाला, अनीता असवाल, सपा नेता फुरकान अहमद, मोहमद शराफत सलीम अंसारी, हरिकिशन चौहान, महिला उत्थान समिति ची अध्यक्ष शबाना सहित तमाम जन संगठन के नेता तथा महिलाएं शामिल थी।


