विधायक और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक की मारपीट मामले में आया नया मोड़, विधायक ने सार्वजनिक मांगी माफ़ी, केस बरकरार।

विधायक और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक की मारपीट मामले में आया नया मोड़, विधायक ने सार्वजनिक मांगी माफ़ी, केस बरकरार।
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देहरादून– विधायक और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक की मारपीट मामले में आज विधायक में सार्वजनिक माफ़ी माँग ली है लेकिन दोनों तरफ़ से मुक़दमे अभी जारी है। 21 फ़रवरी को देहरादून नानुरखेड़ा में स्थित माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ, व उनके समर्थकों और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय नोडियाल के बीच हुए हंगामे और मारपीट के मामले में जहाँ पूरा शिक्षक महासंघ धरने पर बैठा है और अधिकारी भी लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे थे और सार्वजनिक माफ़ी माँगने के साथ साथ मुक़दमा वापस करने माँग की गई थी और माँग पूरी न होने पर 25 फ़रवरी को बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई थी लेकिन इससे पहले इस मामले में नया मोड़ सामने आया है जहाँ विधायक उमेश काऊ ने सार्वजनिक तौर पर माफ़ी माँग ली है।

बुधवार को देहरादून भाजपा महानगर कार्यालय में रायपुर से विधायक उमेश शर्मा काऊ ने आज महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल और अपने सैकड़ों समर्थकों की उपस्थिति में सार्वजनिक तौर पर 21 फ़रवरी को रायपुर शिक्षा निदेशालय में हुई इस घटना पर खेद प्रकट किया। दरअसल उन्होंने पहले से लिखा हुआ एक माफ़ीनामा भाजपा महानगर कार्यालय में पढ़ा।

रायपुर विधायक उमाह शर्मा काउ ने कहा कि “मैं अपने क्षेत्र में एक विद्यालय के लिए 1.5 बीद्या जमीन दान करने वाले परिवार के साथ विद्यालय का नामकरण सम्बन्धी दानदाता स्व० श्री पदम सिंह रावत के नाम पर करने की मांग को लेकर शिक्षा निदेशालय गया था इस दौरान मेरे साथ सम्बन्धित परिवार के लोग भी थे चूकिं यह प्रकरण काफी समय से लम्बित था तो बातचीत के दौरान मौहाल तनावपूर्ण हो गया। मैंने जनप्रतिनिधि होने के नाते, विवाद शांत कराने का भरसक प्रयास किया, इस बीच जाने अनजाने में यह घटना हो गई जिस पर मैं खेद व्यक्त करता हूँ।” और उन्होंने कहा कि “मेरे द्वारा जनहित के कार्यो में हमेशा अधिकारी, कर्मचारियों का सहयोग मिला है, मैंनें भी हमेशा अधिकारी कर्मचारियों को उचित सम्मान दिया है, इसलिए शनिवार को हुई इस घटना पर मुझें बेहद अफसोस है जिसके लिए मैं सम्बन्धित पक्षों से माफी मांगता हूँ।” “मैं मा० मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व अधिकारी-कर्मचारियों के हितों में कार्य कर रहे हैं साथ ही सरकार कानून व्यवस्था को लेकर भी हमेशा गम्भीर रही है। इसलिए इस प्रकरण में मैं सभी पक्षों से सयम की अपील करता हूँ।”

नौडियाल मेरे छोटे भाई की तरह है उनको जो चोट लगी है वो मुझे लगी है मेरा मन बहुत दुखी है। कर्मचारी अधिकारी तो मेरा परिवार है। उनका अहित हो जाये, ऐसा काऊ कभी सोच भी नहीं सकता। कर्मचारी अधिकारी शिक्षक संघ मोर्चा का मैं आभारी हूँ जिन्होने इस घटना का राजनीतिकरण नहीं होने दिया।”

 

Rupesh Negi

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