राजधानी के अस्पताल का वीडियो हुआ वायरल,अस्पताल प्रशासन में मचा हड़कंप, युवती ने व्यवस्था पर लगाए गंभीर आरोप।
देहरादून– राजधानी देहरादून में सरकारी कोरोनेशन हॉस्पिटल हैं जिसकी व्यधा इलाज के लिए पहुंची एक युवती ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर जाहिर की हैं। वीडियो वायरल होते ही अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया हैं।
युवती ने अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं, वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन में अब युवती के रिकॉर्ड को अस्पताल में खंगालना शुरू कर दिया है, और युवती से सामने आने की अपील की जा रही हैं, जिससे अस्पताल प्रशासन के खिलाफ शिकायत देने की अपील की जा रही है, जिससे जिम्मेदार अधिकारीयों पर कार्रवाई की जा सके, साथ अस्पताल की व्यवस्था में भी सुधार किया जा सके। देहरादून के राज्य कोरोनेशन अस्पताल में इलाज कराने पहुंची युवती ने सोशल मीडिया पर दर्द से रोते हुए वीडियो पोस्ट किया, वीडियो में युवती रोते हुए व्हीलचेयर पर बैठकर अपनी आपबीती बयां कर रही हैं कि वह किस तरह अपने पैर का इलाज कराने के लिए अस्पताल पहुंची लेकिन दर्द से परेशान होने के बावजूद युवती को डॉक्टर इलाज के लिए इधर उधर दौड़ाया गया यहां तक कि जब अस्पताल में रखी व्हीलचेयर रखी हुई हैं जिसे युवती चलाने की कोशिश की लेकिन वह उसे चलाने में असमर्थ थी और युवती की मदद के लिए कोई वार्ड बॉय तक अस्पताल में मौजूद नहीं था।
कोरोनेशन अस्पताल के सीएमएस मनु जैन का कहना है कि यह घटना जिस समय की है जिस समय अस्पताल की इमरजेंसी में पांच कैदियों का इलाज चल रहा था और उनके साथ कुछ पुलिस वाले भी थे हालांकि सीएमएस ने यह भी कहा कि इस पर कार्यवाही तभी कर पाएंगे जब सोशल मीडिया पर अस्पताल की शिकायत करने वाली युवती सामने आएगी और उसकी मेडिकल रिपोर्ट और एक्स-रे रिपोर्ट को चेक किया जा सकेगा सीएमएस का कहना है कि वह लगातार अपने अस्पताल के कर्मचारियों को हमेशा कहता हूं कि जितना ज्यादा हो सके सेवा भाव के साथ काम करें। वहीं उन्होंने यह भी सफाई दी है कि जब भी कोई मरीज गंभीर हालत में आता है तो उसके जीवन को बचाने के लिए सबसे पहले प्राथमिक उपचार दिया जाता है उसकी स्थिति स्टेबल करते हैं उसके बाद जांच कराई जाती है लेकिन यह प्रकरण सामने आया है उसमें जीवन के खतरे जैसी कोई स्थिति नहीं थी लेकिन युवती थोड़ी भावुक जरूर थी और उनको दर्द हो रहा होगा तो उनका टेस्ट की सलाह दी गई थी जो दूसरी बिल्डिंग में किया जाता है उन्होंने कहा कि जिस व्हीलचेयर पर बैठकर युवती ने वीडियो बनाई थी उसके चलने में थोड़ी दिक्कत जरूर थी लेकिन जब युवती की किसी ने मदद की तो व्हीलचेयर भी काम कर रही थी।
वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने अब लड़की के अस्पताल वाले रिकॉर्ड की तलाश शुरू की है, कि लड़की कब अस्पताल में आई थी और उसने पंजीकरण कब कराया था अस्पताल के सीएमएस का कहना है कि वह फिलहाल रिकॉर्ड सामने आने के बाद डॉक्टर और वार्ड बॉय से बात करने के बाद कोई फैसला लेकर ही आखिर बात क्या थी, सीएमएस का यह भी कहना है कि वीडियो देखकर लग रहा है कि अगर अस्पताल का कोई सपोर्टिंग स्टाफ लड़की की मदद करता तो ऐसी स्थिति न बनती। वहीं अस्पताल प्रशासन ने मीडिया के माध्यम से युवती से अपील की है कि वह सामने आकर अपनी शिकायत जरूर करें जिससे जो भी इस पूरे मामले में दोषी डॉक्टर या स्टाफ है उसे पर कार्रवाई की जा सके। सीएमएस का कहना है कि चिकित्सालय में सुधार के लिए जो भी कार्य करने होंगे वह करेंगे। सीएमएस ने कहा कि आज सुबह ही उन्होंने अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों के साथ एक मीटिंग की है, इसमें साफ निर्देश दिए गए हैं कि अगर कोई मरीज ऐसा आता है जिसके साथ कोई अटेंडेंट नहीं है तो उसकी मदद की जाए जिससे उसे कोई भी परेशानी से बचा जा सकें।


