उत्तराखंड में कांग्रेस ने किया शक्ति प्रदर्शन, लोकभवन कूच से सियासत हुई गरम।
देहरादून– राजधानी देहरादून की सड़कों पर आज सुबह से शाम तक जाम का मंज़र देखने को मिला, जब उत्तराखंड कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के खिलाफ विशाल जनसभा ने लोकभवन कूच किया। कांग्रेस का प्रदर्शन देहरादून के परेड मैदान से शुरू हुआ यह मार्च हाथीबड़कला तक पहुंचते-पहुंचते बड़े शक्ति प्रदर्शन में बदल गया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ता, विधायक और पदाधिकारी सड़कों पर उतरे। कांग्रेसी नेताओं ने महंगाई, बेरोजगारी, महिला अपराध, भ्रष्टाचार और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला।गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध दर बढ़ रही है और महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार जनहित के मुद्दों से ध्यान भटका रही है, जबकि आम जनता रोजमर्रा की समस्याओं से जूझ रही है।
कांग्रेस ने इस प्रदर्शन को महज एक दिन का विरोध नहीं, बल्कि राज्यव्यापी 90 दिन के संघर्ष अभियान की शुरुआत बताया। पार्टी के मुताबिक, अब जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन, जनसभाएं और बैठकों का सिलसिला चलेगा। संदेश साफ है मुद्दों की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक जारी रहेगी।
लोकभवन की ओर बढ़ रहे काफिले को हाथीबड़कला पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोक-झोंक और कांग्रेसी ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कुछ कार्यकर्ताओं को एहतियातन हिरासत में लिया गया, जिन्हें बाद में उचित कार्यवाही कर छोड़ दिया गया।
रैली के चलते शहर के कई हिस्सों में ट्रैफिक जाम देखने को मिला। स्कूल से बच्चे को घर जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा उनको कई घंटो तक जाम में फसा रहना पड़ा, जबकि प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनज़र अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया था। कांग्रेस का यह शक्ति प्रदर्शन न सिर्फ सरकार को घेरने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, बल्कि आगामी चुनावी माहौल में संगठन की सक्रियता और एकजुटता दिखाने का भी प्रयास किया है। राजधानी की सड़कों पर उमड़ी भीड़ ने साफ संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति और गरमाने वाली है।


