राजधानी देहरादून में दिनदहाड़े हिस्ट्रीसीटर की हत्या से सनसनी, हत्या सहित 50 से अधिक मुकदमे दर्ज।
देहरादून– राजधानी देहरादून में दिनदहाड़े हुई हत्या से सनसनी।
सूत्रों की माने तो काशीपुर निवासी स्टोन क्रशर संचालक विक्रम शर्मा पर 50 से अधिक मुकदमे दर्ज, जिनमें 30 से अधिक हत्या के मामले भी शामिल बताए जा रहे हैं, झारखंड के एक गैंग से तार जुड़े होने की बात भी सामने आ रही हैं। इसी आधार पर पुलिस इस हत्या को गैंगवार का नतीजा मानकर भी जांच करने कि बात कर रही हैं। मृतक की पहचान विक्रम शर्मा (45) के रूप में हुई है। जो मूल रूप से काशीपुर के निवासी थे और वर्तमान में शहर के रेसकोर्स इलाके में रह रहे थे।
जानकारी के अनुसार विक्रम शर्मा सुबह करीब 9 बजे जिम पहुंचे थे। करीब 10:30 बजे जब वह जिम से नीचे उतर रहे थे, तभी पहले से घात लगाए दो हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ तीन गोलियां चला दीं। गोली लगते ही उनकी मौके पर ही मौत हो गई।बताया जा रहा है कि हमलावर पूरी योजना के साथ आए थे।मुख्य सड़क पर एक बाइक चालक को पहले से तैयार रखा गया था। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी बाइक से फरार हो गए। जानकारों की माने तो मृतक को पहले से किसी खतरे की आशंका थी और वह अपने साथ पिस्टल लेकर आए थे, लेकिन हमलावरों ने उन्हें हथियार निकालने का मौका तक नहीं दिया।पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आरोपियों की तलाश तेज़ कर दी गई हैं।
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में हुए आज हत्याकांड में पचास से अधिक मामलों में नामजद था। विक्रम शर्मा पुलिस ने किया खुलासा,
विक्रम-अखिलेश से जुड़ी चर्चित घटनाएं
2 नवंबर 2007- साकची आम बागान के पास श्री लेदर्स के मालिक आशीष डे की हत्या।
जमशेदपुर. गैंगस्टर अखिलेश सिंह का आपराधिक गुरु विक्रम शर्मा आज अपराध जगत की दुनिया से सदा सदा के लिए चल बसा है
शातिर विक्रम उत्तराखंड के देहरादून में रह रहा था।
15 मार्च 2008 – साकची में रवि चौरसिया पर फायरिंग
20 मार्च 2008- साकची में पूर्व जज आरपी रवि पर फायरिंग
16 मई 2008 – साकची में श्रीलेदर्स के मालिक आशीष डे के घर पर फायरिंग
25 जुलाई- बिष्टुपुर में कांग्रेसी नेता नट्टू झा के कार्यालय पर गोली चली
17 अगस्त 2008- बर्मामाइंस में अपराधी परमजीत सिंह के भाई सत्येंद्र सिंह की ससुराल में फायरिंग
28 अगस्त 2008- साकची में ठेकेदार रंजीत सिंह पर फायरिंग
17 सितंबर 2008- एमजीएम अस्पताल मोड़ पर बंदी परमजीत सिंह पर फायरिंग
4 अक्टूबर 2008-बिष्टुपुर में बाग-ए-जमशेद के पास टाटा स्टील के सुरक्षा अधिकारी जयराम सिंह की हत्या
2008- बिष्टुपुर में कीनन स्टेडियम के पास ट्रांसपोर्टर अशोक शर्मा की हत्या
नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री इस्तीफा दें- प्रीतम सिंह विधायक।
देहरादून राजधानी के अंदर जिस तरीके से घटनाएं बढ़ रही हैं, उसकी मैं कड़े शब्दों में निंदा करता हूँ, भर्त्सना करता हूँ।
पिछले 15 दिनों की अवधि में 5 मर्डर राजधानी देहरादून में हुए हैं।
विगत दिवस हल्द्वानी में भी एक युवक और युवती की निर्मम तरीके से हत्या की गई है। हालात बहुत गम्भीर हैं, सरकार को इन तमाम चीजों से कोई सरोकार नहीं है।
कांग्रेस बदहाल कानून व्यवस्था को लेकर आगामी 16 फरवरी को राजभवन घेराव के माध्यम से सरकार को घेरने का कार्य कर रही है। कुम्भकर्ण की नींद में सोई सरकार अगर नही जागेगी तो कांग्रेस आगे भी सरकार के खिलाफ संघर्ष करने का कार्य करेगी।
प्रदेश के मुख्यमंत्री जी में अगर जरा भी नैतिकता बची हुई है तो उन्हें तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे देना चाहिए।


