मुख्यमंत्री धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक खत्म, इन महत्वपूर्ण फैसलों पर लगी मुहर।
देहरादून– मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में कल 10 प्रस्ताव पेश किए गए जिनमें से दो प्रस्तावों को खारिज करके पुनरीक्षण के लिए भेज दिया गया जबकि आठ प्रस्तावों को कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दी। वहीं कैबिनेट बैठक की शुरुआत में सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक के दौरान कैबिनेट द्वारा उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ आंदोलनकारी एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट के निधन पर 2 मिनट का मौन रखकर इनको श्रद्धांजलि दी गई।
कैबिनेट द्वारा राज्य के निर्माण और विकास में श्री दिवाकर भट्ट के योगदान को भी याद किया गया।
धामी कैबिनेट की बैठक में कल 10 प्रस्ताव पर चर्चा की गई जिसमें से शिक्षा विभाग के दो और आवास विकास विभाग के एक प्रस्ताव को दोबारा पुनिरीक्षण करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा कैबिनेट की बैठक में गृह विभाग, ऊर्जा विभाग श्रम विभाग शहरी विकास विभाग और वन विभाग के प्रस्तावों पर अपनी मुहर लगाई।
कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों को मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी
1- पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के लेखा जोखा को विधानसभा के सदन पटल पर रखने को मिली मंजूरी।
2- अभियोजन (ग्रह विभाग) संवर्ग ढांचे के पुनर्गठन को मिली मंजूरी। सहायक अभियोजन अधिकारी के 46 अतरिक्त पदों के सृजन को मिली मंजूरी।
3- ऊर्जा विभाग के वार्षिक वित्तीय प्रतिवेदन 2022- 23 को विधानसभा के सदन पटल पर रखने को मिली मंजूरी।
4- राज्य के दुकानों और संस्थानों में महिला कर्मचारी अब रात 9 से सुबह 6 बजे की शिफ्ट यानि रात के समय भी काम कर सकेंगी। जिसके लिए महिलाओं की सहमति लिखित में जरूरी होगी जबकि इस आदेश को लागू करने से पहले सुरक्षा प्रावधान किए जाएंगे।
5- उत्तराखण्ड दुकान और स्थापन (रोजगार विनियमन और सेवा शर्त) (संशोधन) अध्यादेश, 2025 के जरिए उत्तराखण्ड दुकान और स्थापन (रोजगार विनियमन और सेवा शर्त) अधिनियम, 2017 की धारा 1 (2), 8, 9 एवं धारा 19 में संशोधन को मिली मंजूरी।
6- देहरादून शहर में प्रस्तावित मेट्रो नियो परियोजना के प्रस्ताव पर आवासन एवं शहरी विकास मामलों के मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से दिए गए सुझाव को मंत्रिमण्डल को अवगत कराने और मार्गदर्शन प्राप्त किए जाने संबंधित प्रस्ताव प्रस्तावित किया गया है।
7- मानव वन्य जीव संघर्ष राहत वितरण निधि नियमावली- 2025 में संशोधन को मिली मंजूरी जिसके तहत अब मानव वन्य जीव संघर्ष में मृतक के परिजनों को मिलने वाले मुहावरे की राशि को 6 लाख से बढ़कर 10 लाख कर दिया गया है और घायल के पूरे इलाज का खर्च भी सरकार उठाएगी।


