एक ही परिवार के सात सदस्यों ने की आत्महत्या, दून के इस इलाके में कुछ साल पहले निवास करता था परिवार।
पंचकूला/देहरादून– पंचकूला में दिल दहला देने वाला मामला आया सामने। एक ही परिवार के 7 लोगों ने पंचकूला में की आत्महत्या। पंचकूला के सेक्टर 27 का है मामला। एक ही परिवार के 7 सदस्यों ने गाड़ी में ज़हर खा कर की आत्महत्या। सातों का शव पंचकूला के सेक्टर 27 में एक मकान के बाहर सड़क पर खड़ी गाड़ी में बंद मिली।
सूत्रों की माने तो प्रवीण मित्तल अपने परिवार सहित पंचकूला में आयोजित बागेश्वर धाम की हनुमंत कथा कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद देहरादून वापस जाते हुए उन्होंने सामूहिक आत्महत्या का यह कदम उठाया।
मृतकों में प्रवीण मित्तल उम्र 42 वर्ष, प्रवीण के माता-पिता, प्रवीण की पत्नी और 2 बेटी और एक बेटे सहित तीन बच्चे शामिल हैं।
पुलिस ने मौके से सुसाइड नोट भी बरामद किया।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी।
सभी सातों शवों को पंचकूला के निजी अस्पतालों के शव गृह में रखवाया गया।
पंचकूला डीसीपी हिमाद्री कौशिक और डीसीपी लॉ एंड ऑर्डर अमित दहिया मौके पर पहुंच कर जांच में जुटे।
फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर नमूने जांच के लिए एकत्रित किए।
कर्ज के बोझ तले दबे परिवार के सात लोगों ने सोमवार रात पंचकूला में जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मृतकों में दंपती, तीन बच्चे और परिवार के बुजुर्ग सदस्य शामिल हैं। सभी के शव एक कार में मिले हैं। कार देहरादून नंबर की है।
पंचकूला शहर के सेक्टर-27 में सोमवार रात घटना सामने आई। कर्ज में डूबे एक ही परिवार के सात लोगों ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस के मुताबिक, सोमवार रात करीब 11 बजे डायल 112 पर सूचना मिली कि मकान नंबर 1204 के बाहर खड़ी एक कार में कुछ लोग आत्महत्या की गई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने गाड़ी में सवार छह लोगों को सेक्टर-26 के निजी अस्पताल अस्पताल में भर्ती कराया।
घर से बाहर एक और व्यक्ति तड़पते हुए निकला। पुलिस टीम उसको उपचार के लिए सेक्टर-6 स्थित नागरिक अस्पताल में ले गए। मृतकों की पहचान प्रवीन मित्तल और उसके पिता देशराज मित्तल और उनके परिवार के सदस्यों के रूप में हुई है।
सूचना मिलने के बाद डीसीपी हिमाद्रि कौशिक समेत अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस सूत्रों ने बताया कि प्रवीन मित्तल ने कुछ समय पहले देहरादून में टूर एंड ट्रैवल का कारोबार शुरू किया था जो चल नहीं पाया। उसमें उनको भारी घाटा हुआ। इसी कारण परिवार कर्ज में डूब गया था।
हालत इतनी खराब थी कि परिवार का गुजारा भी नहीं हो पाया था। इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा है और हर कोई इस दुखद त्रासदी से सदमे में है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मृतक प्रवीण मित्तल पुत्र देशराज मित्तल का परिवार लगभग 8-9 महीने पूर्व तक कोलागढ़ देहरादून में किराए पर निवास करता था, जबकि अब मूल रूप चंडीगढ़ में ही रह रहें थे, घटनास्थल से जो वाहन मृतक के पास मिला है, वह मालदेवता देहरादून के गंभीर सिंह नेगी के नाम पर पंजीकृत है, जिनके संपर्क करने पर उनके द्वारा बताया गया कि उनकी मृतक प्रवीण मित्तल से NGO के काम के सिलसिले में मुलाकात हुई थी। मृतक पूर्व में चाइल्ड लाइफ केअर मिशन नाम से NGO चलाता था। इसी दौरान मित्रता के चलते गंभीर नेगी ने उक्त वाहन अपने नाम पर फाइनेंस करवाया था, जिसे वर्तमान में मृतक चलाता था। जोकि वर्तमान में मृतक का परिवार सहित चंडीगढ़ में निवास करना प्रकाश में आया है।

