पर्वतीय वाहन समर्थन समिति ने उत्तराखंड मूलनिवासी परिवहन सदस्यों के अधिकारों के लिए उठया ऐतिहासिक कदम, श्रीमद्भगवदगीता पर ली शपथ, सरकार से सहयोग कि अपील।
देहरादून– उत्तराखंड के परिवहन व्यवसाय में बाहरी हस्तक्षेप और स्थानीय वाहन मालिकों के सामने आ रही चुनौतियों को देखते हुए, पर्वतीय वाहन समर्थन समिति, देहरादून द्वारा एक विशेष शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उत्तराखंड मूलनिवासी वाहन संचालकों ने श्रीमद्भगवद्गीता पर हाथ रखकर यह पवित्र शपथ ली कि वे एक-दूसरे के साथ ईमानदारी, सहयोग और पारस्परिक सम्मान के साथ कार्य करेंगे तथा बाहरी कंपनियों और बाहरी वाहनों के अतिक्रमण को रोकने के लिए संगठित होकर कार्य करेंगे। मुख्य संकल्प के उद्देश्य को लेकर ली गई शपथ। चार धाम यात्रा शुरुआत मे सभी उत्तराखंड मूलनिवासी हुए एक जुट। चारधाम यात्रा से जुड़े हैं कई वहान स्वामी साल मे एक बार रोजगार का अवसर देती हैं चारधाम यात्रा। उत्तराखंडी परिवहन व्यवसाय को बचाने और सशक्त बनाने के लिए एकजुट रहेंगे। किसी भी उत्तराखंडी वाहन स्वामी या चालक के साथ अन्याय या धोखा नहीं करेंगे। चारधाम यात्रा में बाहरी वाहनों की जगह स्थानीय परिवहन को प्राथमिकता देंगे। राज्य के आर्थिक विकास में योगदान देकर आत्मनिर्भर उत्तराखंड बनाएंगे।
यह समारोह उत्तराखंड के परिवहन क्षेत्र में न्याय, समानता और स्थानीय व्यवसाय को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। पर्वतीय वाहन समर्थन समिति ने प्रदेश सरकार, स्थानीय प्रशासन से अनुरोध किया हैं कि वे इस अभियान को समर्थन दें और उत्तराखंड मूलनिवासी परिवहन व्यवसायियों के हक को सुरक्षित करने में सहयोग करें।


