रतूड़ी बनीं मुख्य सचिव, संधू हुए रिटायर -सचिवालय में ग्रहण किया कार्यभार, कहा-उत्तराखंड को बनाएंगे देश का सर्वोच्च राज्य।
देहरादून– नवनियुक्त मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने बुधवार को सचिवालय स्थित मुख्य सचिव कार्यालय में पदभार ग्रहण किया। निवर्तमान मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने मुख्य सचिव रतूड़ी को पदभार सौंपा।
इस अवसर पर नवनियुक्त मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का कहना है कि यह दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी भी प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप उत्तराखण्ड को आगे ले जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के मूल मंत्र सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि की दिशा में एक टीम के रूप में कार्य करते हुए देश का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनाने के लिए कार्य करेंगे। मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप अंतिम व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में लगातार कार्य किया जाएगा।
वर्ष 1988 बैच की आईएएस अधिकारी राधा रतूड़ी को प्रदेश के नए मुख्य सचिव पद की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। 18वे सीएस के रूप में उन्होंने अपना कार्य भार ग्रहण कर लिया है।
निवर्तमान मुख्य सचिव एसएस संधू को जुलाई 23 में 6 महीने का सेवा विस्तार मिला था। 31 जनवरी यानी बुधवार को उनके सेवा विस्तार का कार्यकाल भी समाप्त हो गया। कयास थे कि अप्रैल में लोकसभा चुनाव प्रस्तावित होने के कारण संधू को अतिरिक्त 6 माह के लिए सेवा विस्तार दिया जा सकता है । लेकिन इस स्थिति को खत्म करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राधा रतूड़ी को नया मुख्य सचिव बनने का फैसला लिया और मंगलवार को ही उन्होंने इस फाइल पर अपनी सहमति दे दी । बुधवार को कार्मिक विभाग ने राधा रतूड़ी को प्रदेश के नए मुख्य सचिव बनने का आदेश जारी किया।आदेश जारी होते ही एस एस संधू ने राधा रतूड़ी को कार्य भार सौंप दिया।
कार्यभार ग्रहण करने के बाद सचिवालय में राधा रतूडी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री का कथन है कि ये दशक उत्तराखंड का दशक होगा। मुख्यमंत्री उसी विजन के अनुरुप प्रदेश को आगे ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने अधिकाधिक कार्य के साथ राज्य के विकास में योगदान करेंगे। उत्तराखंड को देश का सर्वोच्य राज्य बनाएंगे। कहा कि
प्रदेश में बहुत अच्छी परियोजनाएं चल रही है जिसको धरातल पर उतारना है। सरकार के सामने अभी सबसे बड़ी प्राथमिकता यूसीसी है। समिति दो फरवरी को मुख्यमंत्री को ड्राफ्ट सौंपेगी। कैबिनेट के बाद पांच फरवरी से चलने वाली विधानसभा सत्र के दौरान यूसीसी को रखा जाएगा और चर्चा होगा। यूसीसी लागू करने वाला देश का उत्तराखंड पहला राज्य बनेगा।
आईआईएस, आईपीएस और आइएएस
एक प्रशासनिक अधिकारी के रूप में राधा रतूड़ी का ट्रैक रिकॉर्ड शानदार रहा है। 1988 में आईएएस में सलेक्ट होने से पहले वर्ष 1987 में उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा यानी आईपीएस के लिए हुआ था । आईपीएस की ट्रेंनिंग हैदराबाद में लेते समय प्रदेश के पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी से उनकी मुलाकात हुई थी। यह मुलाकात बाद में शादी में बदल गई थी। इससे पहले राधा रतूड़ी ने इंडियन इनफॉरमेशन सर्विस परीक्षा भी पास की थी । इससे पहले जर्नलिज्म में स्नातकोत्तर किया और कई प्रतिष्ठित मीडिया घरानों के साथ भी उन्होंने काम किया था।


