देवभूमि उत्तराखंड में भी बिगड़े हालात, पिछले महीने में कई ऐसे मामलो ने लोगों की बढ़ाई चिंता।
देहरादून– उत्तराखंड में लव जिहाद ओर मुस्लिम के द्वारा कांवड़ यात्रा पर पत्थरबाजी के मामले सामने आने पर बीजेपी विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने भी इस पर अपनी चिंता जाहिर की है, उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों पर कड़ी कार्रवाई करनी होगी, देवभूमि उत्तराखंड में इनकी एंट्री पिछले महीने में कई मामले सामने आए है।
पिछले महीने देहरादून के पछवादून में कई ऐसी घटनाएं सामने आईं हैं जिससे लोगों मे आक्रोश पनपने लगा है, उत्तरकाशी के पुरोला में भी एक नाबालिग लड़की को भगाने का मामला सामने आया था, जिससे स्थानीय लोगों में खासी नाराजगी देखने को मिली। डाकपत्थर चौकी ने एक युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था, आरोप है कि विकासनगर के एक मुस्लिम युवक ने धर्म छिपाकर राजस्थान की लड़की को सोशल मीडिया पर फंसाया और इंस्टाग्राम पर लड़की की अशलील वीडियो भी बनाई थी, लड़के ने खुद को गोवा में एक होटल का मालिक बताया था, लड़की राजस्थान से अपने पापा के साथ विकासनगर लड़के के घर पहुंची तब जाकर हकीकत सामने आई।
इसी तरह का एक और मामला चकराता से भी सामने आया, जहां समुदाय विशेष के दो युवा एक नाबालिग को अपने साथ ले आये थे, ये मामला जब सामने आया तो पुलिस हरकत में आई और उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई और अब ऐसा ही गंभीर मामला उत्तरकाशी के पुरोला से भी सामने आया है, जहां एक नाबालिग लड़की को भगाने का प्रयास किया जा रहा था. कथित लव जिहाद के इस मामले में स्थानीय लोगों ने अपनी नाराजगी जताई और विरोध प्रदर्शन करते हुए जुलूस भी निकाला। उत्तराखंड में बढ़ती मुस्लिम जनसंख्या ओर बढ़ते क्राइम ग्राफ को लेकर बीजेपी विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने भी इस पर अपनी चिंता जाहिर की है।
प्रदेश में इस तरह के लगातार आ रहे मामलों ने चिंता जरूर बढ़ा दी है, सियासी गलियारों में इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं, इसे लव जिहाद से भी जोड़कर देखा जा रहा है, देवभूमि की अपनी धार्मिक मान्यताएं हैं, लेकिन यहां आ रहे इस तरह के मामलों से लोगों की चिंता ज़्यादा बढ़ती जा रही है, हाल ही में आई द केरला स्टोरी के बाद धर्मांतरण ओर अब धार्मिक यात्राओं पर पत्थरबाज़ी को लेकर भी इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं।
हरियाणा के मेवात जिले की तरह देहरादून के पछवादून विकासनगर परगना में भी कट्टर मुस्लिम संगठनों की सक्रियता भविष्य के लिए चिंता पैदा करने के लिए काफी है मस्जिदो और मदरसों की बढ़ती संख्या ओर वहां चल रहे जमीयत की गतिविधियां शासन के लिए सर दर्द बन रही है। हिमाचल यूपी और हरियाणा के साथ लगे उत्तराखंड के कई इलाको में मुस्लिम आबादी असामान्य तरीके से बढ़ रही है और कट्टर मुस्लिम संगठनो की बढ़ती सक्रियता कहीं नूह या मेवात जैसे हालात पैदा ना कर दे।
हरिद्वार से विकासनगर जा रही कावड़ यात्रा पर रामपुर में पथराव व नाबालिग लड़कियों से के साथ छेड़छाड़ की हरकतों के मामले में जिस तरह से मुस्लिम संगठनों और मुस्लिम युवकों ने इस्लामी मजहबी नारे लगाए जा रहे है उससे यह बात कही जा रही है कि अब यहां मुस्लिम कट्टरपंथी अपना स्थान बना रहे हैं यहां हिंदू अल्पसंख्यक हो रहे हैं
पछवा दून विकासनगर उत्तराखंड का यह क्षेत्र कभी हिंदू बाहुल्य हुआ करते था, जो कि अब मुस्लिम बाहुल्य हो गया हैं यहां ढकरानी, हरबर्टपुर रामपुर सेलाकुई जैसे बड़े-बड़े गांव में मुस्लिम समुदाय का राजनीतिक सामाजिक और मजहबी वर्चस्व हो चुका है यह मुस्लिम जनप्रतिनिधि बनकर अपने मजहब के लोगों को यूपी ओर बाहरी राज्यों से लाकर यहां ग्राम समाज की भूमि, वन भूमि, नदी क्षेत्र की भूमि और अन्य सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे करवा कर बसा रहे हैं जिनकी जांच भी हुई उनके प्रमाण जिला प्रशासन और विकासनगर प्रशासन को मिले भी हैं फर्जी दस्तावेज आधार कार्ड, राशनकार्ड पहचानपत्र बनाकर सरकारी जमीनो पर कब्जा कर रहे है, यह वही क्षेत्र है जहां मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाए जाने की मांग चुनाव के समय पर उठी थी। जानकारी के मुताबिक पछवा दून कांग्रेस के शासनकाल में डेमोग्राफी ही बदल गई थी, यहां के विधायको ब्लॉक प्रमुखों के कार्यकाल में मुस्लिम तुष्टीकरण वोट बैंक की राजनीति में यहां मुस्लिम आबादी को बढ़ने दिया और अब हालात बेकाबू होते जा रहे हैं खनन वह संपत्ति कब जाने ड्रग्स और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में लगे मुस्लिम युवाओं को राजनीतिक संरक्षण देखो मिल रहा है पछवा दून 28 गांव ऐसे हैं जो 2011 तक हिंदू बाहुल्य थे मुस्लिम बाहुल्य होने के साथिया की डेमोग्राफी पूरी चेंज हो गई है। इसमें से एक ढकरानी का गांव एक उदाहरण है 1991 में यहां 80% हिंदू आबादी थी और 20% मुस्लिम आबादी थी 2023 में यहां 60% मुस्लिम और 40% हिंदू आबादी हैं और अन्य समुदाय की बसावट हो गई है।
पछवा दून में 100 से ज्यादा मस्जिद है 46 मदरसे पिछले कुछ सालों में बने हैं, इनकी ना तो प्रशासन से अनुमति है और ना प्रशासन ने इन्हें रोकने के लिए कोई जरूरी कदम उठाए हैं जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार 2009 के बाद बिना जिलाधिकारी के कोई नया धार्मिक स्थल नहीं बनाया जा सकता और यदि किसी पुराने धार्मिक स्थल की मरम्मत की जाएगी उसके लिए जिलाधिकारी से अनुमति लेना आवश्यक है लेकिन यहां बिना किसी रोक-टोक के आलीशान इमारतें मस्जिद है और मदरसे बनाए जा रहे हैं यहां इस्लामिक कट्टरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मस्जिदों में परिवार रजिस्टर रखे हुए हैं जुम्मे के दिन आने वाले की हाजिरी लगाई जाती है और जो नहीं आया तो उसकी पूछताछ की जाती है पिछले दिनों लव जिहाद की घटनाओं में जिस तरह से यहां के मुस्लिम जिहादियों की तरफ पेश आए उसे देख पुलिस महकमा भी अचंभित रहा खुलेआम पुलिस के अधिकारियों के सम्मुख रोड तलवार डंडे लेकर मस्जिद में और सड़क के बाहर नारे लगाए गए इसके बाद वँहा से निकल रही कावड़ यात्रा पर पत्थर फेंके गए पुलिस की जांच पड़ताल में कबाड़ी और उसके गिरोह के संलिप्तता पाई गई यहां मुस्लिम सेवा संगठन ने अपनी जड़ें जमा ली हैं पर पछवा दून में मेवात की तरह हालात बन रहे हैं जिसे लेकर हिंदू संगठन बार-बार पुलिस प्रशासन को चेताया है और यहां अवैध रूप से बसे लोगों को हटाए जाने की मांग शासन प्रशासन से करता रहा है।


