नशा मुक्ति केन्द्र में हादसे के बाद उत्तराखंड सरकार अलग से नीति बनाने की तैयारी में।
देहरादून– थाना क्लेमेन्टाउन क्षेत्रान्तर्गत टर्नर रोड निवासी युवक सिद्धार्थ उर्फ सिददू, जिसे उसके परिजनों द्वारा चन्द्रबनी में नींव आरोग्यधाम नशा मुक्ति केन्द्र मे भर्ती कराया गया था, नशा मुक्ति केन्द्र के संचालक व कर्मचारियों द्वारा अचेत अवस्था में उसके घर के बाहर छोडकर जाने तथा परिजनों द्वारा उसे उपचार हेतु नजदीकी अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों द्वारा उसे मृत घोषित कर दिया, परिजनों द्वारा पुलिस को सूचना दी गई, परिजनों ने दोषियों के विरूद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही की मांग की गई।
उत्तराखंड सरकार नशा मुक्ति केंद्रों के लिए अलग से नीति बनाने जा रही है। बताया जा रहा है कि प्रदेश सरकार जल्द ही उत्तराखंड मानसिक स्वास्थ्य नीति बनाने जा रही है। जिसका प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जाएगा।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता वीरेंद्र बिष्ट का कहना है कि कई तरह की शिकायतें नशा मुक्ति केंद्रों को लेकर मिलती है। ऐसे में सरकार जल्द नई नीति बनाने जा रही है। उनका कहना है कि सही तरीके से नशा मुक्ति केंद्रों का संचालन हो सके।
उनका कहना है कि उत्तराखंड सरकार ने 2025 तक उत्तराखंड को ड्रग फ्री राज्य बनाने का संकल्प लिया है ऐसे में प्रदेश सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है । उत्तराखंड स्वास्थ्य मानसिक स्वास्थ्य नीति पर काम किया जा रहा है।

